आरोपियों ने पीड़ित से रिश्वत के 30 हजार रूपये लिए तो सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
भोपाल , 03 अक्तूबर, मध्यप्रदेश में लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है , लेकिन रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले का है जहां मेडिकल ऑफिसर और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के सुपरवाईजर की जोड़ी को रिश्वत लेते हुए पकड़ा है।
मृतक की पत्नी से माँगी एक लाख रू की रिश्वत
bhopal news : मिली जानकारी के अनुसार सिंगरौली जिले की चितरंगी तहसील के बगैया गांव की महिला फूलमती सिंह ने 30 सितंबर को लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि उसके पति जयपाल सिंह की मौत सांप के काटने से जून में हुई थी। पति की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सर्पदंश से मौत होने की बात लिखने के एवज में चितरंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के मेडिकल ऑफिसर डॉ. अमरजीत सिंह और सुपरवाईजर राजकुमार बैस 1 लाख रूपये रिश्वत की मांग रहे हैं।
चर्चा में मेडिकल ऑफिसर-सुपरवाईजर की रिश्वतखोर जोड़ी
लोकायुक्त की टीम ने शिकायतकर्ता फूलमती सिंह की शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर 03 अक्टूबर को लोकायुक्त ने जाल बिछाकर फरियादी फूलमती को रिश्वत के 30 हजार रूपये देने के लिए भेजा। मेडिकल ऑफिसर और सुपरवाईजर ने रिश्वत की रकम देने के लिए आवेदिका को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चितरंगी बुलाया और वहां आरोपियों ने पीड़ित से रिश्वत के 30 हजार रूपये लिए तो सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगेहाथों पकड़ लिया। आरोपियों के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है।
