
आर्किटेक्ट उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित
रायसेन. सीएम राइज़ स्कूलों के पढऩे वाले बच्चों को जल्द ही सर्व सुविधायुक्त भवनों की सुविधा मिलने वाली है। इन स्कूल भवनों के निर्माण के लिए चयनित आर्किटेक्ट की एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला जहाँनुमा रिट्रीट में हुई। कार्यशाला में देश के पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन के इंपेनल्ड चयनित आर्किटेक्ट ने भाग लिया।
प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा रश्मि अरुण शमी ने सभी सहभागी आर्किटेक्ट से सीएम राइज स्कूल की अवधारणा और मुख्यमंत्री चौहान के विजऩ अनुरूप सर्व-सुविधायुक्त और सर्व संसाधन सम्पन्न स्कूल भवनों के डिज़ाइन तैयार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की एकाग्रता और सुरक्षा को ध्यान में रखकर विद्यालय भवनों के डिज़ाइन तैयार किए जाए। डिज़ाइन भविष्योन्मुखी हों और डिज़ाइन्स पर बनने वाले स्कूल भवन आगामी 50-100 वर्षों तक मजबूती से खड़े रहें। ये भवन अध्ययन-अध्यापन की एकाग्रता में सहायक होने के साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से भी उपयुक्त हों।
प्रमुख सचिव जनजाति कार्य पल्लवी जैन गोविल ने कहा कि प्रदेश के 89 ट्राइबल ब्लॉक और दूरस्थ क्षेत्रों की भौगोलिक विशेषताओं को ध्यान में रखकर सीएम राइज स्कूलों की डिजाइन तैयार की जानी चाहिए। स्कूलों के स्ट्रक्चर में जनजातीय क्षेत्र के अनुरूप ट्राइबल आर्ट और वैल्यू डिजाइन को शामिल किया जा सकता है। अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के अधिकतर बच्चे आवासीय स्कूलों में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी करते हैं, इसलिए इन क्षेत्रों में स्कूल की डिजाइन बनाते वक्त हॉस्टल फेसिलिटी और अन्य सुविधाओं के लिए पर्याप्त ज़मीन की उपलब्धता को भी ध्यान में रखा जाना चाहिये।
कार्यशाला में आयुक्त लोक शिक्षण भय वर्मा ने सीएम राइज स्कूल की अवधारणा और वांछित परिणामों के बारे में जानकारी दी। संचालन संचालक राज्य शिक्षा केंद्र धनराजू एस ने किया। आर्किटेक्ट ने स्कूलों की डिजाइन, बिल्डिंग मटेरियल, फर्नीचर, क्वालिटी और रेट, क्लासरूम डेमो, ड्राइंग और निर्माण की समय-सीमा सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। आमंत्रित सभी आर्किटेक्ट संस्थानों से सुझाव भी आमंत्रित किए गए।
