
भोपाल. मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र् 2021-22 से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत महाविद्यालय के स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र/छात्रायें शारीरिक शिक्षा (वैकल्पिक विषय) का चयन कर सकेंगे। बालाघाट के शासकीय एस0एस0पी0महा0 वारासिवनी में भी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत छात्र-छात्राये शारीरिक शिक्षा विषय का चयन कर सकेगें ।
महाविद्यालय के क्रीडा अधिकरी विकास साहु द्वारा बताया गया कि शारीरिक शिक्षा विषय के जुड़ने से छात्रों को लाभ होगा एवं रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में शरीरिक शिक्षा शिक्षक एवं अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अपार अवसर की संभावनाये होती है। शारीरिक शिक्षा का अर्थ शारीरिक क्रियाओं द्वारा शिक्षा होता है शारीरिक शिक्षा का लक्ष्य व्यक्ति के व्यक्तित्व का सर्वांगंण विकास है। शारीरिक शिक्षा द्वारा व्यक्ति के शरीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास होता है। पिछले कई वर्षो से शारीरिक शिक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए प्रयास किया जा रहे थे। शारीरिक शिक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल करने से खेल जगत में खुशी की लहर है। महाविद्यालय के प्राचार्य एवं क्रीडा अधिकारी ने खेल से जुड़े छात्रों को इस पाठ्यक्रम का चुनाव करने के लिए विशेष आग्रह किया है।
