
लखनऊ , 30 मई , campus samachar.com, लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (LUTA ) के निवर्तमान अध्यक्ष प्रोफेसर आरबी सिंह मून शिक्षक संघ के चुनाव में किसे समर्थन दे रहे हैं ? पिछले 24 घंटे से लखनऊ विश्वविद्यालय इसी सवाल के इर्द-गिर्द घूम रहा है . वजह यह है कि लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ चुनाव के लिए कल 31 मई को जब मतदान होने जा रहा है तो निवर्तमान अध्यक्ष प्रोफेसर आरबी सिंह मून किसका साथ देंगे ?
प्रोफेसर मून के साथ महामंत्री रहे डॉक्टर अनित्य गौरव शिक्षक संघ के चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार हैं और अनित्य गौरव प्रोफेसर मून को एक ही धड़े का समर्थक माना जाता है . ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रोफेसर मून अपने महामंत्री अनित्य गौरव को अध्यक्ष पद पर समर्थन दे सकते हैं . हालांकि प्रोफेसर आरबी सिंह मून ने स्पष्ट तौर पर अभी किसी प्रकार के समर्थन की घोषणा नहीं की है.
यह दीगर बात है कि अंदरखाने में जरूर चल रहा है कि उनका समर्थन अनित्य गौरव को ही मिलेगा , जबकि अन्य पदों को लेकर क्या वे तटस्थ रहेंगे ? इस सवाल का भी सटीक जवाब अभी किसी के पास नहीं है, क्योंकि प्रोफेसर मून का विरोध करने वाले भले ही विश्वविद्यालय में सक्रिय हों लेकिन यह बात विरोधियों को भी माननी पड़ेगी कि प्रोफेसर आरबी सिंह मून का अपना व्यक्तित्व है और इसी व्यक्तित्व के सहारे उन्होंने पिछले शिक्षक संघ के चुनाव में अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की थी और पूरे कार्यकाल में लखनऊ विश्वविद्यालय के शिक्षकों का उन्हें किसी तरह का बड़े प्रतिरोध का सामना नहीं करना पड़ा .
उन्होंने बहुत ही आसानी से अपना कार्यकाल वैसा ही पूरा किया जिस तरह वे और उनकी टीम के सदस्य चाहते थे . हालांकि टीम में कई ऐसे भी पदाधिकारी रहे जिन्होंने प्रोफेसर आरबी सिंह मून का समर्थन नहीं किया लेकिन वे इतने भी ताकतवर नहीं बन पाए कि मून के खिलाफ कोई अविश्वास प्रस्ताव जैसा अहम फैसला करने में सक्षम हो. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रोफेसर आरबी सिंह मून मून इस चुनाव में क्या रुख अपनाते हैं ? विश्वविद्यालय में यह चर्चा आम है की प्रोफेसर आरबी सिंह मून लखनऊ विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार की पसंद है. इस पसंद के कई कारण हैं उनमें एक बड़ा कारण यह है कि प्रोफेसर आरबी सिंह मून लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रशासनिक धारा में शामिल है और कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी मिली हुई हैं .
ऐसे में शिक्षक संघ का चुनाव लड़ रहे कुछ उम्मीदवार भी प्रोफेसर प्रोफेसर आरबी सिंह मून से नजदीकी दिखाने के बजाय उनका विरोध कर रहे हैं ताकि वे कुलपति विरोधी मुहिम में सवार होकर अपना चुनाव बढ़िया कर सकें, लेकिन कड़वा सच यह है कि वर्तमान शिक्षक संघ के हो रहे चुनाव में लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका न केवल मुख्य रहने वाली है बल्कि चुनाव परिणाम को प्रभावित भी करने वाली है .
इसकी सीधी सी वजह यह है लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन यह नहीं चाहता है कि शिक्षक संघ के पदाधिकारी ऐसे जमीनी शिक्षक नेता न बन पायें , जो विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष नित नई चुनौतियां खड़ी करें। हालांकि चुनाव परिणाम आने के पहले किसी प्रकार की भविष्यवाणी करना उचित नहीं होता है और ना ही यह संभव है कि चुनाव परिणाम की घोषणा पहले कर दी जाए ऐसे में कल मतदान और चुनाव परिणाम का इंतजार करना उचित होगा.
