

- आज इस कार्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय की खासियत दिखी कि यहां पढ़े हुए बड़े दिग्गज मंत्री , नेता, विधायक जब मिलते हैं तब एक समान हो जाते हैं। गले लगते हैं वहां कोई ऊंच- नीच नहीं होती।
लखनऊ, 30 मार्च, campussamachar.com, यादें भला किसे अच्छी नहीं लगती …लखनऊ विश्वविद्यालय एल्मुनाई फाउंडेशन की ओर से 29 मार्च 2025 को लखनऊ विश्वविद्यालय के कला संकाय प्रांगण में पूर्व छात्रों पुनर्मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया.
कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक विचारों के बड़े राजनेताओं के अलावा प्रशासनिक, शिक्षा, न्यायिक क्षेत्र से जुड़े हुए कई दिग्गज इस कार्यक्रम में शारीरिक हुए. कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रोफेसरों को सम्मानित भी किया गया . गीत संगीत और विश्वविद्यालय की डॉक्यूमेंट्री के प्रदर्शन ने इस आयोजन में चार चांद लगा दिए।

इस कार्यक्रम की व्यवस्था एल्मुनाई फाउंडेशन के महामंत्री अनिल सिंह वीरू, प्रोफेसर वी एन मिश्र, पवन उपाध्याय, दयाशंकर सिंह, ज्ञानेंद्र शुक्ला ज्ञानू आदि वरिष्ठ लोगों ने संभाल रखी थी।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से राज्यसभा सांसद पूर्व उपमुख्यमंत्री प्रोफेसर दिनेश शर्मा, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री दया शंकर सिंह , कालीचरण डिग्री कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर वी एन मिश्रा, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान , नवयुग डिग्री कॉलेज की प्राचार्य डॉ मंजुला उपाध्याय, लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ पूर्व अध्यक्ष रमेश श्रीवास्तव , राकेश सिंह राणा, राम सिंह राणा, शैलेश कुमार सिंह शैलू, मनोज तिवारी, के के सी छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष माधुरी भूषण तिवारी, प्रदीप सिंह, भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक व स्थाई अधिवक्ता प्रशांत सिंह अटल , राष्ट्रीय नेशनल यूथ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार सिंह , वरिष्ठ पत्रकार नवल कांत सिन्हा , अविनाश मिश्रा, सुरेश बहादुर सिंह, अखंड प्रताप सिंह , ज्ञानेंद्र शुक्ला, शाश्वत तिवारी, श्यामल त्रिपाठी, टी बी सिंह जी, के के सिंह मनीष मिश्र, केके सिंह , वरिष्ठ पत्रकार और राजस्थान पत्रिका के पूर्व स्थानीय सम्पादक शिव सिंह, लखनऊ विश्वविद्यालय सहयुक्त डिग्री कालेज शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर manoj पाण्डेय , महामंत्री अंशु केडिया , पूर्व छात्र अरविन्द शर्मा , रालोद के वरिष्ठ प्रवक्ता अनिल दुबे आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

रोमांच होता है याद करके लखनऊ विश्वविद्यालय में पढ़ाई का दौर
आज इस कार्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय की यह खासियत दिखी कि यहां पढ़े हुए बड़े दिग्गज मंत्री , नेता, विधायक जब मिलते हैं तब एक समान हो जाते हैं। गले लगते हैं , कोई ऊंच- नीच नहीं होती। सब पुराने दिनों में खो गए. .90 के दशक का भी एक दौर था जब लखनऊ विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव होते थे, छात्रों की एकता पूरे उत्तर प्रदेश में दिखाई देती थी। कट्टे गोली और बमों के धमाकों की गूंज अखबारों की सुर्खियां बनती रहती थी । वर्चस्व का दौर होता था। पूरे प्रदेश के अलग-अलग जिलों और शहरों से युवा अपना सपना पूरा करने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय को ही अपनी प्रथम पसंद मानते थे । जो अब दिखाई नहीं देता। इस दौरान पूर्व छात्रों ने अपने शिक्षकों और सहपाठियों से भेंट की । अपने वरिष्ठ जनों से भी सब ऐसे मिले जैसे बिछड़ गए थे।

क्या बोले – अनिल सिंह वीरू
पूर्व महामंत्री
“महफिल-ए-जज्बात”
इसी भावपूर्ण सोच के साथ कल आयोजित लखनऊ विश्वविद्यालय पुरातन छात्र समागम आप सभी की गरिमामयी उपस्थित से सुखद पूर्णता को प्राप्त कर सका।
इतने वृहद आयोजन का आप सभी के सहयोग और सहभागिता के बिना सफल होना कदाचित संभव न था साथ ही इतने बृहद आयोजन में कतिपय विसंगतियों का होना भी स्वाभाविक है। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप सभी के सहयोग और सुझाव से आगामी आयोजन में उसे दूर कर महफिले जज्बात को और बेहतर बनाया जा सकेगा।
इस आयोजन को सफल बनाने और पूर्णता प्रदान करने के लिए समस्त वरिष्ठ पुरातन और वर्तमान छात्रों के साथ-साथ विश्वविद्यालय प्रशासन, छात्रसंघ पदाधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ-साथ मीडिया बंधुओं का बहुत-बहुत आभार एवं अभिनंदन। आप सभी ने हमारी सोच को सच साबित किया है।

आयोजन समिति के सभी सदस्यों को शानदार और सफल आयोजन हेतु बहुत-बहुत बधाई आभार एवं अभिनंदन।
जुड़े रहिए अपनों से और जोड़ते रहिए अपनों को, हमें यह कारवां दूर तक ले जाना है।
आप सभी का बहुत-बहुत आभार एवं अभिनंदन ।
आपका शुभेच्छु ।
अनिल सिंह वीरू
पूर्व महामंत्री
लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ
(विशेष : समाचार में सोशल मीडिया से साभार इनपुट लिया गया ).

