

- काव्यश्री रामप्रकाश त्रिपाठी ‘प्रकाश’ के 84 वें(चौरासीवें) जन्म जयन्ती समारोह में आये अतिथियों ने काव्यश्री रामप्रकाश त्रिपाठी ‘प्रकाश’ जी का परिचय कराते हुए उनकी साहित्य साधना यात्रा का विस्तार से वर्णन किया गया . इ
- इस अवसर पर डाॅ अरुणेन्द्रचन्द्र त्रिपाठी एवं इं० उदयभान पाण्डेय ‘भान’ के संचालन में कवि सम्मेलन हुआ .
लखनऊ, 01 नवम्बर , दशकों से साहित्य साधना कर रहे काव्यश्री रामप्रकाश त्रिपाठी ‘प्रकाश’ देश के चर्चित साहित्यकार हैं. साहित्य की सभी विधाओं में दो दर्जन से अधिक रचनाएँ प्रकाशित हो चुकी हैं . काव्यश्री रामप्रकाश त्रिपाठी ‘प्रकाश’ का 84 वां (चौरासीवें) जन्म जयन्ती समारोह को बड़े ही गौरव पूर्ण तरीके से मनाया गया . इसमें साहित्यप्रेमियों की और से काव्यश्री रामप्रकाश त्रिपाठी ‘प्रकाश’ का सम्मान किया गया और सरस काव्य-गोष्ठी आयोजित की गई .
यह कार्यक्रम काव्यश्री रामप्रकाश त्रिपाठी ‘प्रकाश’ के जन्म दिवस पर 26 अक्टूबर, 2025 को ‘रूपायन’ सी-1/215,सेक्टर – जी, जानकीपुरम् में बड़े ही भव्य रूप में सम्पन्न हुआ . कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ अरुणेन्द्रचन्द्र त्रिपाठी, सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं इं० उदयभान पाण्डेय ‘भान’, वरिष्ठ साहित्यकार एवं महासचिव नवपरिमल, लखनऊ ने किया .
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री रघुनाथ किशोर रस्तोगी, उच्च न्यायालय, प्रयागराज रहे जबकि अध्यक्षता अशोककुमार चौधरी, पूर्व जिला जज एवं अध्यक्ष नवपरिमल, लखनऊ ने की. समारोह के विशिष्ट अतिथियों में रुद्र कुमार त्रिवेदी, विधिक सैन्य अधिकारी लखनऊ और
वी के श्रीवास्तव, पूर्व उपायुक्त, केन्द्रीय विद्यालय संगठन रहे .अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया जबकि मंगलाचरण एवं स्वस्तिवाचन आचार्य पं. वरुण श्याम एवं पं. तरुण श्याम जी द्वारा किया गया .

इस अवसर पर वाग्देवी मालार्पण एवं वन्दन डाॅ रश्मि शील ने किया और काव्यश्री रामप्रकाश त्रिपाठी ‘प्रकाश’ के 84 वें जन्म दिवस पर उनका, तिलक-चन्दन, मालार्पण एवं मुखशद्धि – समवेत: भगिनी श्रीमती रजोल तिवारी, भतीजी श्रीमती चन्द्रकान्ति तिवारी, श्रीमती किरन तिवारी एवं श्रीमती कुमुद मिश्रा द्वारा किया गया . इस अवसर पर विशेष रूप से शिव ताण्डव स्त्रोत की प्रस्तुति कु. उदिषा त्रिवेदी ने की .

काव्यश्री रामप्रकाश त्रिपाठी ‘प्रकाश’ के 84 वें(चौरासीवें) जन्म जयन्ती समारोह में आये अतिथियों ने काव्यश्री रामप्रकाश त्रिपाठी ‘प्रकाश’ जी का परिचय कराते हुए उनकी साहित्य साधना यात्रा का विस्तार से वर्णन किया गया . मंचासीन अतिथियों का अभिनन्दन एवं सम्मान के साथ ही आये हुए सभी कविगण का भी अभिनन्दन एवं सम्मान किया गया . इस अवसर पर कवियों द्वारा काव्य के विविध आयामों का सरस काव्य-पाठ किया गया .
इस अवसर पर डाॅ अरुणेन्द्रचन्द्र त्रिपाठी एवं इं० उदयभान पाण्डेय ‘भान’ के संचालन में कवि सम्मेलन हुआ . अपनी रचनायें प्रस्तुत करने वाले
डॉ० दिनेशचन्द्र अवस्थी पूर्व महामंत्री-स. क. सं., शिवमोहन सिन्हा, नवपरिमल, काव्यश्री रामप्रकाश त्रिपाठी ‘प्रकाश’, डाॅ रश्मि शील, प्रमोद द्विवेदी ‘प्रमोद’ छन्दकार, कृष्ण पाल सिंह ‘दिनकर’, इं० उदय उदय भान पाण्डेय ‘भान, डाॅ अरुणेन्द्रचन्द्र त्रिपाठी आदि मुख्य रूप से शामिल रहे . काव्यश्री रामप्रकाश ‘प्रकाश’ द्वारा आभार-उद्गार एवं जूठन बिखेरने का अनुरोध के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया . सभी अतिथियों ने स्वादिष्ट भोजन ग्रहण किया और भव्य समारोह का समापन हुआ .
काव्यश्री रामप्रकाश त्रिपाठी ‘प्रकाश’ जी को उनकी 84वीं जन्म जयन्ती पर हार्दिक बधाई एवं अनन्त शुभकामनाएँ!
प्रस्तुत है ये कुण्डलिया छन्द :
‘चौरासी’ के हो गये कविवर ‘रामप्रकाश’,
फैल रहा चहुँ-ओर है, जिनका ज्ञान-प्रकाश।
जिनका ज्ञान-प्रकाश, सृजन की सरिता बहती,
गीत-छन्द-मुक्तक से सिंचित होती धरती।
कहें ‘भान’ कविराय, ओज हो कभी न बासी,
हँसी-ख़ुशी से ‘शत’ हो जाये ये ‘चौरासी’।।

