
- प्रांतीय अध्यक्ष ने कहा कि विद्युत नियामक का यह प्रस्ताव उपभोक्ताओं के हितों को पूरी तरह से नजरअंदाज करता है। व्यापारिक, औद्योगिक, कामर्शियल कनेक्शनों के लिए यह वृद्धि 40 से 50 फीसदी तक हो सकती है।
लखनऊ , 15 जुलाई , उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल ने कहा कि उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड ने बिजली दरों में भारी बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव विद्युत नियामक आयोग के समक्ष दाखिल किया है…इस प्रस्ताव के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली दरों में 45 फीसदी और शहरी क्षेत्रों में 40 फीसदी की वृद्धि की जा सकती है जोकि प्रदेश के पड़ोसी प्रदेशो की बिजली दरों से काफी महंगी होगी और नया बिजली कनेक्शन लेना भी महंगा होने वाला है।
प्रांतीय अध्यक्ष ने कहा कि पावर कार्पोरेशन ने नियामक आयोग में दाखिल अपने संशोधित प्रस्ताव में ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 40 से 45 फीसदी और शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 35 से 40 फीसदी की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही नए बिजली कनेक्शन की दरों में भी 25 से 30 फीसदी की वृद्धि का प्रस्ताव है। यह प्रस्ताव ऊर्जा क्षेत्र के इतिहास में अब तक सबसे बड़ी बढ़ोत्तरी है।
प्रांतीय अध्यक्ष ने कहा कि विद्युत नियामक का यह प्रस्ताव उपभोक्ताओं के हितों को पूरी तरह से नजरअंदाज करता है। व्यापारिक, औद्योगिक, कामर्शियल कनेक्शनों के लिए यह वृद्धि 40 से 50 फीसदी तक हो सकती है। जिससे प्रदेश के लाखों करोड़ों उपभोक्ताओं और व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। अब उस पर बिजली के इन बढती हुई दरों के कारण अतिरिक्त दबाव पड़ेगा जिससे उसके व्यापार पर फर्क पड़ेगा। राज्य सरकार से आग्रह है कि बिजली की इन बढती हुई दरों को कम करके पड़ोसी राज्यों की बिजली के दरों के बराबर किया जाये।
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