
- संघ संज्ञान मे लाना चाहता है कि कतिपय विभाग अनुपलब्ध डाटा/ लापरवाही/ जानबूझकर अपने विषय के महाविद्यालयों के शिक्षकों को समय पर सूचित नही करते है, जिसके कारण बाद मे संघ को हस्तक्षेप करना पड़ता है,और अनावश्यक विवाद बढ़ता है.
लखनऊ, 04 अगस्त , लखनऊ विश्वविद्यालय सहयुक्त महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर डॉ मनोज पांडेय और महामंत्री प्रोफ़ेसर अंशु केडिया ने लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलसचिव को पीएचडी कार्यक्रम मे रिक्त शोध सीट्स सूचना मांगे जाने के लिए भेजे गए पत्र पर सवाल उठाया हुए पत्र लिखा है . संघ ने इस पत्र में कालेज प्राचार्यों से भी पीएचडी पाठ्यक्रम मे पूर्णकालिक/अंशकालिक सीटों का विवरण मंगाने के लिए कहा है.
विषय: पीएचडी कार्यक्रम मे रिक्त शोध सीट्स सूचना के संबंध मे कुल सचिव पत्र लिखा है .इस पत्र में कहा गया गया है कि अपने पत्र संख्या PhD -13472-78 दिनांक 01/08/25 का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करे जिसमे सत्र, 2025-26 मे पीएचडी पाठ्यक्रम मे प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ करने हेतु विश्वविद्यालय के समस्त विभागाध्यक्षों से विभाग मे रिक्त विज्ञापित किये जाने हेतु पूर्णकालिक/अंशकालिक सीटों का विवरण विभागीय शोध समिति (DRC) से संस्तुत कराकर 17 अगस्त 2025 तक उपलब्ध कराने का आदेश निर्गत किया गया है I
कुल सचिव से कहा गया है कि आप अवगत है कि वर्तमान में संगठन के संघर्षो के परिणाम स्वरूप महाविद्यालयो के शिक्षकों को भी शोध कराने का अधिकार प्राप्त हो गया है। संघ अपने पूर्व अनुभव के आधार पर आपके संज्ञान मे लाना चाहता है कि कतिपय विभाग अनुपलब्ध डाटा/ लापरवाही/ जानबूझकर अपने विषय के महाविद्यालयों के शिक्षकों को समय पर सूचित नही करते है, जिसके कारण बाद मे संघ को हस्तक्षेप करना पड़ता है,और अनावश्यक विवाद बढ़ता है.
इसलिए कुलसचिव से आग्रह है कि निर्गत पत्र का संशोधन जारी करते हुए महाविद्यालयों के प्राचार्य को भी प्रतिलिपि प्रेषित करने का कष्ट करे जिससे अर्ह/ इच्छुक शिक्षकों को समय से सूचना प्राप्त हो जाय तथा शोध निर्देशन के अधिकार से वंचित न रह जाए .
पढ़िए पत्र

