

- लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा यू जी सी के शोध सम्बन्ध में निर्गत रेगुलेशन 2022 के आधार पर यू जी शिक्षकों को राज्य सरकार द्वारा प्रदत्त शोध अधिकार को छीनने के प्रयासो तथा लुआक्टा द्वारा दिनांक 28 अगस्त 2025 को किये गए आंदोलन,एवं राजभवन मार्च एवं राजभवन से हुई वार्ता एवं हस्तक्षेप तथा इस सम्बन्ध में कुलपति को राजभवन द्वारा निर्गत पत्र से अवगत कराया .
लखनऊ , 12 सितम्बर, लखनऊ विश्वविद्यालय सम्बद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर मनोज पाण्डेय और महामंत्री प्रोफ़ेसर अंशु केडिया ने नेशनल पी जी महाविद्यालय, लखनऊ मे 11 सितम्बर को आयोजित शिक्षक सम्मान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आमन्त्रित उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय से भेंट हुई . इसी भेंट में शिक्षक नेताओं की शिक्षकों की विभिन्न समस्याओ पर सकारात्मक वार्ता हुई।
शिक्षक नेताओं के अनुसार सबसे पहले उत्तर प्रदेश के महाविद्यालय के शिक्षकों को कैशलेश चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए उच्च शिक्षा मंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री जी सहित उनका आभार व्यक्त किया गया, एवं उनसे इस व्यवस्था का लाभ महाविद्यालय के शिक्षणेत्तर कर्मचारियो सहित विश्वविद्यालय के साथियो को भी दिये जाने की मांग की गयी, जिस पर उन्होंने सकारात्मक आश्वासन दिया, लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा यू जी सी के शोध सम्बन्ध में निर्गत रेगुलेशन 2022 के आधार पर यू जी शिक्षकों को राज्य सरकार द्वारा प्रदत्त शोध अधिकार को छीनने के प्रयासो तथा लुआक्टा द्वारा दिनांक 28 अगस्त 2025 को किये गए आंदोलन,एवं राजभवन मार्च एवं राजभवन से हुई वार्ता एवं हस्तक्षेप तथा इस सम्बन्ध में कुलपति को राजभवन द्वारा निर्गत पत्र से अवगत कराते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रदत्त शोध अधिकार को यथावत बनाये रखने, तथा शोध रेगुलेशन 2022 को लागू करने के सम्बन्ध में सरकार द्वारा गठित समिति मे प्रो आलोक राय के स्थान पर नया अध्यक्ष, तथा प्रो प्रतिभा गोयल के स्थान अन्य सदस्य सहित, सदस्य सचिव के रूप में तत्कालीन कुलसचिव डा संजय मेधावी के स्थान पर कुलसचिव लखनऊ विश्वविद्यालय को नामित करने का आग्रह किया गया.

ज्ञापन पर भी रखी बात
नेताओं ने इस सम्बन्ध में उच्च शिक्षा मंत्री को लुआक्टा के ज्ञापन की जानकारी दी गई . इसमें यू जी के शोध शिक्षकों के पक्ष में सरकार के निर्णय को यथावत रखने का आश्वासन दिया। एकल स्थानांतरण की पीड़ा से जूझ रहे शिक्षकों के सम्बन्ध में भी लुआक्टा की वार्ता हुई, जिसपर उनका रुख सकारात्मक रहा और यथाशीघ्र स्थानान्तरण का आश्वासन दिया,इसके अतिरिक्त कई अन्य विषयों पर भी वार्ता हुई, जिसमे समर्थ पोर्टल से प्रोनन्ति की प्रक्रिया में वेतन निर्धारण भी आफ लाइन प्रक्रिया को समाप्त कर समर्थ पोर्टल से किये जाने की मांग की गयी, जिस पर उच्च शिक्षा मंत्री जी सहमत रहे।
इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
समर्थ पोर्टल के कारण प्रवेश एवं परीक्षा कार्य संपादित करने मे आने वाली समस्याओं से उन्हे अवगत कराया गया एवं अवगत कराया गया कि बड़ी मुश्किल से सत्र नियमित हुआ है अब पटरी से न उतरे, जिस पर संगठन से पुन: वार्ता कर सकारात्मक निर्णय लिए जाने का आश्वाशन दिया। ग्रेच्युटी की भी मांग की गयी, उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम मे संशोधन कर महाविद्यालय के प्रोफ़ेसर को भी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर की भाँति सभी आकदमिक समितियो का सदस्य बनाये जाने का आग्रह एवं प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम मे लखनऊ विश्वविद्यालय के महाविद्यालयो को यथावत सहयुक्त महाविद्यालय एवं समर्थ पोर्टल पर आटोनामस तथा सहयुक्त का विकल्प उपलब्ध कराने, एवं यू जी सी रेगुलेशन 2018 के विपरीत प्रोफेसर पद की प्रोन्नति मे ए पी आई की गणना किये जाने, राजकीय महाविद्यालय की भाँति मेडिकललीव तथा CCL की व्यवस्था, मानदेय शिक्षकों की पूर्व सेवा के आधार पर प्रोन्नति दिये जाने सहित कई अन्य मुद्दों पर वार्ता हुई। साथियो अब आगे शिक्षकों के हित से संबंधित सभी मुद्दों सहित संगठन के निर्णय के अनुसार उच्च शिक्षामंत्री को यू जी शिक्षकों के शोध अधिकार को यथावत बनाये रखने के लिए ज्ञापन सौंपा जाना, तथा वार्ता भी किया जाना है, मंत्री जी द्वारा अपनी उपलब्धता के अनुसार संगठन से वार्ता कर तिथि निर्धारित किये जाने का आश्वासन दिया गया है।
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