
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में योग की धूम रही। पार्कों और उद्यानों में सुबह से ही लोग योगाभ्यास करते दिखाई दिए। यह योग उत्सव आज पूरी दुनिया में योग दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। भारतीय संस्कृति की दुनिया को यह सबसे बड़ी देन है और ऐसा करने से पूरी दुनिया स्वस्थ होने का सपना देख रही है। ऐसे ही बनेगा भारत विश्व गुरु।
21 जून 2022 अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर संत रविदास नगर में कुशल शाखा, कौशलपुरी खरगापुर के द्वारा योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित किया गया ,जिसमें क्षेत्र के गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता की . कुशल शाखा के शाखा कार्यवाह एच एन सिंह , मुख्य शिक्षक मनीष तिवारी , पूर्व मुख्य शिक्षक आशीष पांडे, लल्ला राम एवं गोमती नगर विस्तार खरगापुर लखनऊ विकास महा समिति के संयोजक हरि दत्त शंकर चौबे मीडिया प्रभारी सुभाष चंद्र तिवारी , उपाध्यक्ष अंगद शुक्ला , संयुक्त सचिव विजय कुमार द्विवेदी , रमेश चंद्र उपाध्याय , पदमाकर पांडे, अवधेश वर्मा , जितेंद्र वर्मा, हरीश शुक्ला ,शाखा के पालक डॉ केके उपाध्याय , भगवती शरण पांडे , जितेंद्र दुबे ,संजय दुबे , कुसुम वर्मा निर्मला सिंह सुधा सिंह एवं कुशल शाखा के सभी सम्मानित स्वयंसेवक बंधुओं ने अपनी सहभागिता दी.

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का इतिहास .…..
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की शुरुआत साल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने की थी। प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र संघ की बैठक में योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था। 11 दिसंबर 2014 को इस बात की घोषणा की गई कि हर साल 21 जून को अंतराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाएगा। दरअसल भारत के प्रधानमंत्री मा. नरेंद्र मोदी जी ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त महासभा में दुनियाभर में योग दिवस मनाने का आह्वान किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने स्वीकार कर लिया। 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का ऐलान किया था ।
योग से मनुष्य स्वस्थ रहता है, साथ ही फिट रहकर वो लंबे जीवन को प्राप्त करता है। योग का मानव जीवन में महत्व देखते हुए साल 2015 से पूरे विश्व में 21 जून को अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) मनाया जा रहा है। इस साल 8वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। इस दिन दुनियाभर के लोग इकट्ठा होकर जगह-जगह योग दिवस मनाते हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के दिन लोगों में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का मकसद है। शरीर को निरोगी रखने के लिए योग करना जरूरी है।
21 जून को क्यों मनाया जाता है विश्व योग दिवस
इसके पीछे की मुख्य वजह ये है कि, 21 जून को उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन होता है, जिसे लोग ग्रीष्म संक्रांति भी कहते हैं। भारतीय परंपरा के मुताबिक, ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन होता है। माना जाता है कि सूर्य दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने के लिए फायदेमंद है। साथ ही योग करने से लोगों की आयु भी लंबी होती है। इसी को देखते हुए योगा दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है। सबसे पहला अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस साल 2015 के 21 जून को मनाया गया था।
मानव जीवन में योग का महत्व…..
शरीर और मन की शांति के लिए योग बहुत जरूरी है। योग करने से शरीर स्वस्थ रहता है। साथ ही योग से मानव जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। प्रतिदिन योग करने से शारीरिक और मानसिक बीमारियां दूर रहती है। बढ़ते तनाव को कम करने और लाइफस्टाइल से पैदा होने वाली समस्याओं को योग से दूर किया जा सकता है। योग करने से शरीर मजबूती बनता है। योग से शारीरिक और मानसिक ऊर्जा में वृद्धि होती है।
योग करने वाले लोग फिट होने के साथ ही इम्यूनिटी के मामले में भी दूसरे लोगों से बेहतर होते हैं। इसी को देखते हुए बाकी लोगों ने भी खुद के हैल्थ का ख्याल रखते हुए योग करना शुरू किया है। साथ ही बॉलीवुड जगत के सितारे समेत खुद पीएम मोदी जी भी योग कर लोगों को फिटनेस के प्रति मोटिवेट करते देखे जाते हैं।
