

- भूविज्ञान विभाग में लखनऊ विश्वविद्यालय में दीक्षांत पूर्व समारोह का समापन 8-9-2025
- जियो-फेस्ट 2025 का भव्य समापन : प्रो. के.के. अग्रवाल का विशेष व्याख्यान ‘दि अर्थ थ्रू टाइम’, सांस्कृतिक कार्यक्रम और पुरस्कार वितरण के साथ सम्पन्न हुआ पूर्व-दीक्षांत सप्ताह
- प्रो. ध्रुव सेन सिंह, विभागाध्यक्ष एवं संयोजक ने अपने उद्बोधन में कहा, “चाहे हिमालयी क्लाउडबर्स्ट हों, जलवायु परिवर्तन या ग्लेशियर का पिघलना—हमारे विद्यार्थियों ने जियो-फेस्ट में अपने ज्ञान और प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया है। यह सप्ताह अकादमिक गंभीरता और सांस्कृतिक रचनात्मकता का सफल संगम रहा है।”
लखनऊ, 8 सितम्बर 2025 लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) के भूविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित पूर्व-दीक्षांत सप्ताह (2–8 सितम्बर 2025) का समापन आज जियो-फेस्ट 2025 (Geo-Fest 2025) के भव्य आयोजन के साथ हुआ। इस अवसर पर विशेष व्याख्यान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ तथा समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किए गए।
विशेष व्याख्यान : “दि अर्थ थ्रू टाइम”
कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण रहे प्रो. के.के. अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष, भूविज्ञान विभाग, जिन्होंने “दि अर्थ थ्रू टाइम” विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने पृथ्वी के 4.6 अरब वर्षों के इतिहास का रोचक विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि किस प्रकार भूगर्भीय प्रक्रियाओं, महाद्वीपों, महासागरों और जीवन के विकास ने आज की धरती को आकार दिया।

इस अवसर पर प्रो. शीला मिश्रा, अधिष्ठाता, विज्ञान संकाय ने कहा कि “ऐसे आयोजन न केवल वैज्ञानिक ज्ञान का उत्सव हैं, बल्कि छात्रों को पर्यावरण और उसके संरक्षण पर गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित भी करते हैं।”
प्रो. ध्रुव सेन सिंह, विभागाध्यक्ष एवं संयोजक ने अपने उद्बोधन में कहा, “चाहे हिमालयी क्लाउडबर्स्ट हों, जलवायु परिवर्तन या ग्लेशियर का पिघलना—हमारे विद्यार्थियों ने जियो-फेस्ट में अपने ज्ञान और प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया है। यह सप्ताह अकादमिक गंभीरता और सांस्कृतिक रचनात्मकता का सफल संगम रहा है।”

शैक्षणिक गतिविधियाँ
वाद-विवाद प्रतियोगिता (2 सितम्बर): विषय था “क्या हिमालय में क्लाउडबर्स्ट मानवीय गतिविधियों के कारण बढ़ रहे हैं?” जिसमें 20 छात्रों ने भाग लिया। अतुलित पांडेय (बी.एससी. सेम III) प्रथम और वंशिका सिंह (एम.एससी. सेम III) द्वितीय स्थान पर रहे।
पोस्टर प्रतियोगिता (5 सितम्बर): छात्रों ने रॉक साइकिल, राष्ट्रीय भू-स्मारक, केदारनाथ बाढ़, जलवायु परिवर्तन, ग्लेशियर रिट्रीट (याला ग्लेशियर), जैसे विविध विषयों पर पोस्टर प्रस्तुत किए। प्रथम पुरस्कार वंशिका सिंह, योगिता शुक्ला और आशीष मौर्य (एम.एससी. तृतीय सेम) को मिला। द्वितीय पुरस्कार मालविका वर्मा (बी.एससी. तृतीय सेम) और तृतीय पुरस्कार शिफा खान (बी.एससी. तृतीय सेम) को मिला।

क्विज प्रतियोगिता (2 सितम्बर): बी.एससी. और एम.एससी. के कई छात्रों ने भाग लिया। प्रथम पुरस्कार तान्या सक्सेना, आशीष मौर्य, मिथिल यादव, हर्षिता और सामिया खान को मिला। द्वितीय पुरस्कार योगिता शुक्ला की टीम को और तृतीय पुरस्कार शंभवी मिश्रा की टीम को मिला।
सांस्कृतिक संध्या (8 सितम्बर)
छात्र-छात्राओं ने कविता, गीत, नृत्य और नाटक की प्रस्तुतियाँ दीं।
कविता: अनुपमा, सृजन तिवारी, लिली आज़ाद, पिमांशिका, उन्नति पतवा
गीत: भूमि, चेहक एवं मेहक, संकर्षण प्रकाश मिश्रा, पल्क लोंगिया, सुजल
नृत्य: अनुश्का, योगिता शुक्ला
नाटक: अमित, संकेत, आयुष, अतुल, श्रेया
सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक प्रस्तुति: पल्क लोंगिया (गीत), लिली आज़ाद (कविता), योगिता शुक्ला (नृत्य), नाटक दल (अमित व साथियों), अनुपमा (कविता)।
रंगोली प्रतियोगिता (3 सितम्बर)
पाँच टीमों ने भाग लिया।
प्रथम पुरस्कार: श्रेया चटर्जी, मालविका वर्मा, अर्पिता शुक्ला, शिफा खान
द्वितीय पुरस्कार: प्राची सिंह, खुशबू जैन, गुंजा पाल, विदि खेसरवानी
तृतीय पुरस्कार: वंशिका सिंह, योगिता शुक्ला

समापन एवं पुरस्कार वितरण (8 सितम्बर)
आज का दिन पूर्व-दीक्षांत सप्ताह के समापन समारोह का प्रतीक रहा। सभी विजेताओं को स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक तथा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
प्रायोजक एवं विशिष्ट अतिथि
यह आयोजन यूको बैंक, लखनऊ के सहयोग से हुआ। इस अवसर पर श्री आलोक कुमार (एजीएम, यूको बैंक) एवं श्री गौरव कुमार रावत (ब्रांच मैनेजर, यूको बैंक) उपस्थित रहे।
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