
निधि सिंह ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के संबंध में जानकारी दी और वन्य जीवों के शिकार करने पर सजा के प्रावधान के संबंध में सूचना प्रदान की।
कोरबा , 22 मई , campussamachar.com, अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2025 ( International Biodiversity Day 2025) की थीम “प्रकृति के साथ समजस्य और सतत विकास” के अवसर पर सैंडईल ग्राम में वन विभाग और छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में वन विभाग के बृजेश शुक्ला सीजीएफ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण
– हरी नारायण बंजारे ने जैव विविधता संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला और ग्रामीणों से जीव-जंतुओं के संरक्षण में सहयोग करने का आग्रह किया।
– हरी नारायण बीट गार्ड ने सीड बॉल बनाने और उसके माध्यम से प्रकृति को संजोने के विषय पर जानकारी साझा की।
– निधि सिंह ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के संबंध में जानकारी दी और वन्य जीवों के शिकार करने पर सजा के प्रावधान के संबंध में सूचना प्रदान की।
कार्यक्रम में विशेष भूमिका निभाने वाले सैंडईल गांव के सरपंच उषा बाई बिंझवार,धनंजय बिंझवार- पंचायत के पदाधिकारी रामकुमार यादव, सीताराम कश्यप, उधो राम कश्यप, मुकुटराम, आदिले मगर, चंद कश्यप और विज्ञान सभा से कमलेश दास इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को जैव विविधता संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया और उन्हें वन्य जीवों के संरक्षण में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने जैव विविधता संरक्षण के लिए सतत कार्य करने की सहमति जताई।

अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस ( International Biodiversity Day 2025) पर आयोजित इस कार्यक्रम ने सैंडईल ग्राम के लोगों को जैव विविधता संरक्षण ( International Biodiversity Day 2025) के महत्व के बारे में जागरूक किया और उन्हें वन्य जीवों के संरक्षण में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया। इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से हम जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ा सकते हैं और प्रकृति के साथ समजस्य और सतत विकास की दिशा में काम कर सकते हैं।
