
- अपने उद्बोधन में पद्मश्री डॉ. अरविन्द कुमार ने शिक्षा में नवाचार और अनुसंधान की आवश्यकता पर बल दिया .
कोरबा , 28 अक्तूबर , पं. दीनदयाल उपाध्याय हिंदी विद्यापीठ, मथुरा के तत्वावधान में हॉटल रेडिशन ब्लू सभागार दिल्ली में 26अक्टूबर 2025 को “विद्या वाचस्पति (डॉक्टरेट मानद उपाधि) सारस्वत सम्मान समारोह” का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता कुलपति माननीय डॉ. इन्दु भूषण मिश्रा ने की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री . अरविन्द कुमार, पूर्व कुलपति, रानी लक्ष्मीबाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. रविन्द्र द्विवेदी (शिक्षक एवं साहित्यकार) जांजगीर-चांपा,डॉ. गोखले जी श्री सच्चिदानंद रायजी मंचासीन थे।इस अवसर पर पं दीनदयाल उपाध्याय विद्या पीठ के राज आर्यन तिवारी, प्रदीप तिवारी विशेष रूप से उपस्थित थे।
इस अवसर पर शिक्षा, साहित्य, समाज सेवा, पत्रकारिता, महिला सशक्तिकरण तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों को विद्या वाचस्पति (डॉक्टरेट की मानद उपाधि) से सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य से तरूण सिंह राठौर, प्रधान पाठक मा.शाला बेलगरी नाला (कोरबा),भुवनेश्वर देवांगन (जांजगीर-चांपा) तथा पीललाल पटेल (सक्ती)को शिक्षा, साहित्य, पर्यावरण संरक्षण एवं हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार हेतु विशिष्ट योगदान के लिए “विद्या वाचस्पति” सारस्वत मानद उपाधि से अलंकृत किया गया। कार्यक्रम में जिला जांजगीर-चांपा के सुप्रसिद्ध शिक्षक एवं साहित्यकार डॉ. रविन्द्र द्विवेदी को विशिष्ट अतिथि के रूप में मंचासीन कर शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।
अपने उद्बोधन में पद्मश्री डॉ. अरविन्द कुमार ने शिक्षा में नवाचार और अनुसंधान की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि “शिक्षा समाज परिवर्तन का सशक्त माध्यम है।” उन्होंने हिंदी भाषा की महत्ता और पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन दर्शन पर भी प्रेरक विचार रखे।
डॉ. रविन्द्र द्विवेदी ने अपने संबोधन में शिक्षा के सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्य को रेखांकित करते हुए पर्यावरण संरक्षण पर काव्यात्मक शैली में “पेड़ की पीड़ा” शीर्षक प्रेरक काव्य प्रस्तुत किया, जिसे श्रोताओं ने भावविभोर होकर सराहा। कार्यक्रम के अंत में कुलपति डॉ. इन्दु भूषण मिश्रा ने सभी सम्मानित जनों को बधाई देते हुए कहा कि “विद्या वाचस्पति उपाधि उन विभूतियों के प्रति विद्यापीठ का सम्मान है जिन्होंने समाज में शिक्षा और संस्कृति की ज्योति प्रज्वलित की है।” इस अवसर पर देशभर से आए साहित्यकारों, शिक्षाविदों, पत्रकारों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की गरिमामय उपस्थिति रही।
छत्तीसगढ़ में इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छतीसगढ शिक्षक संघ के प्रमुख संगठन मंत्री ओंकार सिंह ठाकुर, प्रांताध्यक्ष संजय ठाकुर, मनोज राय, डाक्टर अशोक गुप्ता,प्रमोद हंसराज, जिलाध्यक्ष मानसिंह राठिया,हबेलसिह अघरिया,राधारमण श्रीवास ,धरनीधर साहू, दयाशंकर साहू ,ईश्वर शर्मा, छोटे लाल पटेल, श्रीमती ज्योति सिंह आदि ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। यहजानकारी छ.ग.शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष मानसिंह राठिया ने दी।
