

कोरबा, 02 जुलाई , बुधवारी बाजार स्थित दिगंबर जैन मंदिर में 3 जुलाई से अष्टान्हिका महापर्व के प्रारम्भ होने की शुभ अवसर पर ” सिद्ध चक्र महामंडल विधान” का आयोजन आर्यिका श्री 105अखंडमति माताजी , आर्यिका श्री 105 अभेदमति माताजी एवं आर्यिका श्री 105 ध्यानमति माताजी के सानिध्य में किया जा रहा है । जिसकी संपूर्ण तैयारियां दिगंबर जैन मंदिर में हो चुकी है।

ज्ञात हो विगत 15 दिनों से संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के शिष्य एवं नवाचार्य श्री 108 समय सागर महाराज की शिष्या श्री 105 आदर्शमति माताजी के संघस्थ आर्यिका श्री 105 अखंड मति माताजी ,श्री 105 अभेद मति माताजी एवं आर्यिका श्री 105 ध्यानमति माताजी श्री दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान है। जैन मिलन समिति के पूर्व उपाध्यक्ष श्री दिनेश जैन बताया कि 3 जुलाई से लगने वाले अष्टान्हिका महापर्व के शुभ अवसर पर प्रातः 7:00 बजे से श्री जी का अभिषेक ,शांतिधारा, एवं श्री विद्यासागर महाराज का पूजन के उपरांत “श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान” का शुभारंभ किया जाएगा ।जो कि 3 जुलाई से प्रारंभ होकर 10 जुलाई तक प्रातःकालीन बेला में 8:00 बजे से 10:00 बजे तक चलेगा।

उक्त विधान का संचालन ब्रह्मचारी श्री अंकित जैन शास्त्री जी द्वारा किया जाएगा। श्री अंकित जैन शास्त्री जी द्वारा सर्वप्रथम पात्र चयन की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी तदोपरांत “श्री सिद्धचक्र महामंडलविधान” का शुभारंभ किया जाएगा। जिसमें जैन मिलन समिति के अध्यक्ष डॉ प्रदीप जैन ने समस्त जैन समाज के महिलाओं ,पुरुषों आदि को अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की है। उक्त आशय की जानकारी जैन मिलन समिति के पूर्व उपाध्यक्ष श्री दिनेश जैन ने दी।
