

जांजगीर चांपा , 11 जुलाई ,campusamachar.com, शासकीय प्राथमिक शाला एवम पूर्व माध्यमिक शाला सागरपारा अमोरा अकलतरा में गुरुपूर्णिमा के पर्व पर छात्र छात्राओं एवं पालकगण ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेकर पेड़ पौधों के प्रति संवेदना प्रकट करने हेतु शाला प्रांगण में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया।शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों ने अपने अपने बच्चों के साथ आम,अनार,आंवला,अमरूद इत्यादि फलदार वृक्ष का पौधा लगाया ।
इस मौके पर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अमोरा के प्रधान पाठक श्री जयंत सिंह क्षत्रिय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में धरती मां को मां के बाद द्वितीय गुरु माना गया है और वृक्ष को भी मां का दर्जा दिया जाना इसलिए उचित है क्योंकि मां अपने बच्चों को जिस प्रकार से पालन पोषण अपनी गोद में बिठाकर करती है ठीक उसी प्रकार से पेड़ भी हम सबको प्रकृति में भोजन करकर पोषण करती है। साथ ही उन्होंने गुरु पूर्णिमा उत्सव को महर्षि वेद व्यास पूर्णिमा के साथ साथ बुद्ध पूर्णिमा भी बताया और कहा कि यह पर्व आध्यात्मिक गुरु के साथ साथ ज्ञान ,विद्या , धर्म और सांस्कृतिक संबंधों में यह पर्व और उत्सव अपनी खास अहमियत रखता है।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान युग में भारतीय संस्कृति और गुरुकुल परंपरा को भूलते हुए पश्चिमी सभ्यता को अंगीकार करना प्रारंभ कर दिए है जो हमारी नई पीढ़ी के लिए हानिकारक है।शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष तुरपाल ने कहा कि समय के साथ हमारी सभ्यता और संस्कार की भी शिक्षा देना अति आवश्यक है और वर्तमान काल में जब माता पिता ,गुरु शिष्य,और मानवजनित रिश्ते में स्वार्थपन और कटुता घर कर रही है तब प्रकृति ही एक ऐसा गुरु है जो बिना किसी स्वार्थ के हमे अपना सबकुछ प्रदान कर रही है।
एस एम सी के उपाध्यक्ष श्री रविशंकर पटेल ने सभी गुरुओं का सम्मान श्रीफल के द्वारा किया और कहा कि आज हम एक सम्मान करते हुए गौरांवित हो रहे है।शाला की शिक्षिका रमा प्रधान ने बच्चो को गुरु पूर्णिमा पर्व के महत्व को बताते हुए कहा कि गुरुजन जीवन दर्शन बोध करते है और संत कबीर जी के दोहे के साथ कार्यक्रम में सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया “गुरु बिन ज्ञान न उपजे,गुरु बिन मिले न मोक्ष,गुरु बिन लखऐ न सत्य को ,गुरु बिन मिटाएं न दोष ।इस अवसर पर शाला के वरिष्ठ शिक्षक श्री रजनीकांत धीवर श्रवण कुमार भानु धनेश राम वर्मा शैलेन्द्र कुंभकार ने भी संबोधित किया।
