
- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की यात्रा ( Jagannath Puri Rath Yatra 2025 ) का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। आज भी यात्रा के माध्यम से हमें उन अवस्मिरणीय पलों की स्मृति होती है। खाती समाज के द्वारा निकाली जाने वाली यात्रा में दूर-दूर से श्रद्धलु और समाज जन शामिल होते है,
भोपाल, 28 जून 2025,campusamachar.com, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को उज्जैन में खाती समाज और इस्कॉन के द्वारा प्रतिवर्ष निकाले जाने वाली रथ यात्रा ( Jagannath Puri Rath Yatra 2025 ) में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोपाल मंदिर पहुंचकर रथ यात्रा में सहभागिता की और भगवान की आरती की। इस दौरान जय जगन्नाथ का जयघोष किया। मुख्यमंत्री ने कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में बनाई गई गुंडिचा नगरी पहुंचकर भगवान श्री जगन्नाथ के विगृह को अपने कंधे पर उठाकर उनकी स्थापना की। मुख्यमंत्री ने भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान श्री बलराम और देवी सुभद्रा की आरती भी की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज पूरे विश्व में उडीसा में निकाली गई भगवान श्री जगन्नाथ की यात्रा का प्रसारण किया गया है। उज्जैन में भी काफी वर्षों से यह यात्रा निकाली जा रही है। यह हम सबके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है। उडीसा में स्थित भगवान जगन्नाथ जी का धाम चार धाम में से प्रमुख धाम है। उज्जैन के राजा इंद्रद्युम्न ने उडीसा में वर्तमान में स्थित मंदिर का निर्माण करवाया था।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की यात्रा ( Jagannath Puri Rath Yatra 2025 ) का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। आज भी यात्रा के माध्यम से हमें उन अवस्मिरणीय पलों की स्मृति होती है। खाती समाज के द्वारा निकाली जाने वाली यात्रा में दूर-दूर से श्रद्धलु और समाज जन शामिल होते है, जो हम सब की जीवटता का प्रमाण है। मध्यप्रदेश सरकार के द्वारा इस्कॉन के माध्यम से निकाली जाने वाली जगन्नाथ यात्रा में विक्रमादित्य शोध पीठ को भी जोडा गया है, जिससे भगवान जगन्नाथ की अन्य लीलाओं और कथाओं की जानकारी भी आमजन को प्राप्त हो सके। भगवान श्री जगन्नाथ, ( Jagannath Puri Rath Yatra 2025 ) भगवान बलराम और देवी सुभद्रा की बहुत सारी गाथाएं यात्रा से जुडी हुई हैं। इन सभी कथाओं का निचोड़ यह है कि भगवान के प्रति हम सभी अपने शुध्द कर्मों के आधार पर प्रेम अर्पित करें और उनकी भक्ती करें। परमात्मा की हम सबके उपर कृपा बनी रहे और उनके प्रेम की वर्षा हम सब पर होती रहे बस यही प्रार्थना है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन से ही शिक्षा ग्रहण की थी और विश्व गुरु बने। भगवद गीता का जो ज्ञान उन्होनें अर्जुन सहित पूरे विश्व को दिया था, उसका बीज उज्जैन से ही अंकुरित हुआ। महर्षि सांदिपनी व्यास के द्वारा प्रदान की गई शिक्षा और ज्ञान से भगवान श्रीकृष्ण ने पूरे विश्व को आलोकित किया। भगवद गीता के अध्याय और श्लोक हम सबको जीवन में मार्गदर्शन देने के साथ कर्म करने की प्रेरणा भी देते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अवसर पर इस्कॉन के द्वारा निर्मित गीता ऐप की शुरुआत की। उल्लेखनीय है कि इस ऐप के माध्यम से भगवत गीता के श्लोक और अध्यायों का अध्ययन अध्यापन किया जाएगा और एक साथ बहुत सारे लोग भगवद गीता से संबंधित परीक्षाओं में सम्मिलित हो सकेंगे।
विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित क्षेत्रो, उनके उपदेशों और उनकी लीलाओं का व्यापक प्रचार- प्रसार करने के लिए श्रीकृष्ण पाथेय का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के द्वारा प्रदेश के सभी जिलों में गीता भवन बनाने का निर्णय लिया गया है। हर भवन में एक लाइब्रेरी होगी और पुस्तकों और ग्रंथों के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण के उपदेश और जीवन लीलाओं का व्यापक प्रचार प्रसार कर सभी लोगों से परिचित करवाने का कार्य गीता भवन के माध्यम से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का इस्कॅान की ओर से श्री राधा मदनमोहन का चित्र और भगवद गीता भेंट कर सम्मान किया गया। इस दौरान महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापती श्रीमती कलावती यादव, संजय अग्रवाल, जगदीश पांचाल सहित नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।
