
प्राचार्य नज़ाकत हुसैन ने महाविद्यालय परिसर और आस-पास के क्षेत्रों में लोगों को तिरंगा भेंट कर उन्हें घर पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया।- इस कार्यक्रम में प्राचार्य, सभी प्राध्यापकगण, छात्र-छात्राएँ, कर्मचारी, कार्यालयाधीक्षक श्री राजकुमार और वरिष्ठ सहायक श्री आसिफ सम्मिलित हुए।
मुरादाबाद 14 अगस्त , राजकीय महाविद्यालय मथाना कांठ, मुरादाबाद में आज दिनांक 14 अगस्त 2025 को हर घर तिरंगा अभियान और विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत तिरंगा यात्रा से हुई, जिसमें महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएँ शामिल हुए। सभी ने हाथों में तिरंगा थामे “भारत माता की जय” तथा “वंदे मातरम” के गगनभेदी नारे लगाए। प्राचार्य नज़ाकत हुसैन ने महाविद्यालय परिसर और आस-पास के क्षेत्रों में लोगों को तिरंगा भेंट कर उन्हें घर पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया।
इसके उपरांत, शासन के निर्देशानुसार महाविद्यालय में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर देश के बंटवारे (1947) की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उससे उपजी मानवीय त्रासदी, और उससे जुड़े सबक पर चर्चा हुई। प्राचार्य नज़ाकत हुसैन ने छात्र-छात्राओं को विभाजन के कारणों, उसके प्रभावों और लाखों लोगों के विस्थापन व पीड़ा की गाथा से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि यह दिवस केवल इतिहास का स्मरण भर नहीं, बल्कि उन असंख्य साहसी लोगों को श्रद्धांजलि है जिन्होंने अकल्पनीय कठिनाइयों के बाद भी एक नई शुरुआत की।

कार्यक्रम में प्राध्यापक डॉ. नरेंद्र सिंह ने विभाजन की परिस्थितियों और उससे हुए सामाजिक व आर्थिक प्रभावों पर प्रकाश डाला। डॉ. नौमी प्रिया ने विभाजन से संबंधित साहित्य और प्रमुख पुस्तकों की जानकारी साझा की। डॉ. संदीप कुमार गुप्ता ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इस दिवस के महत्व और वर्तमान पीढ़ी के लिए इसके संदेश को रेखांकित किया। डॉ. मुदित सिंघल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इस अवसर पर दिए गए संदेश को उपस्थित जनों को सुनाया। डॉ. कामरान आलम खान ने विभाजन की पीड़ा से सीख लेते हुए आपसी सौहार्द और एकता की भावना को और मजबूत बनाने पर बल दिया।
इस अवसर पर यह भी स्मरण किया गया कि विभाजन से प्रभावित लोगों ने केवल अपने जीवन को फिर से संवारा ही नहीं, बल्कि अनेक ने असाधारण उपलब्धियां भी हासिल कीं, जिससे राष्ट्र निर्माण को गति मिली। कार्यक्रम के अंत में विभाजन से संबंधित एक डाक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने गंभीरता से देखा। इस कार्यक्रम में प्राचार्य, सभी प्राध्यापकगण, छात्र-छात्राएँ, कर्मचारी, कार्यालयाधीक्षक श्री राजकुमार और वरिष्ठ सहायक श्री आसिफ सम्मिलित हुए।
