
बिलासपुर, 25 अप्रैल।campussamachar.com, गुरू घासीदास विश्वविद्यालय (Guru Ghasidas University Bilaspur केन्द्रीय विश्वविद्यालय) में आज 25 अप्रैल, 2023 को सायं 4 बजे आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC), के तत्वावधान में विशेष व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल (Vice Chancellor Professor Alok Kumar Chakrawal) ने “टीचिंग-लर्निंग ईको सिस्टम इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस” विषय पर रजत जयंती सभागार में व्याख्यान दिया।
कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने विश्वविद्यालय (Guru Ghasidas University Bilaspur ) के समस्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि सहज भाव की प्राप्ति करना शिक्षण के दौरान हमारा प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने (Vice Chancellor Professor Alok Kumar Chakrawal) कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में भी भौतिक रूप में उपलब्ध शिक्षक का कोई विकल्प नहीं है। शिक्षक और विद्यार्थी का संबंध मां और पुत्र की भांति होता है। हमारा शिक्षण ऐसा होना चाहिए जिससे विद्यार्थी कक्षा में आने के लिए आतुर रहे।
Guru Ghasidas University Bilaspur News : कुलपति प्रोफेसर चक्रवाल (Vice Chancellor Professor Alok Kumar Chakrawal) ने कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान उपलब्ध न हो, हमें समस्या के मूल को समझकर उसके समाधान पर विचार करना चाहिए। बतौर शिक्षक यह हमारा नैतिक दायित्व है कि हम विद्यार्थियों को आने वाली चुनौतियों को स्वीकार कर उनके हल के प्रति सकारात्मक विचारशीलत के लिए जुट जाएं। स्वामी विवेकानंद का यह विचार कि ‘समस्त विद्यार्थियों के भीतर अपनी विशेष प्रतिभा होती है, शिक्षक का दायित्व उसे बाहर निकालना होता है’ को समझाते हुए प्रोफेसर चक्रवाल ने कहा कि प्रत्येक शिक्षक को अपने विद्यार्थी में निहित इस प्रतिभा को पहचानने की आवश्यकता है।
Bilaspur News : इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर मां सरस्वती एवं बाबा गुरु घासीदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। मंचस्थ अतिथियों का नन्हा पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। स्वागत उद्बोधन आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के निदेशक प्रो. पी.के. बाजपेयी ने दिया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय (Guru Ghasidas University Bilaspur ) के कुलसचिव प्रो. मनीष श्रीवास्तव एवं संचालन डॉ. टी.जी. रेड्डी सहायक प्राध्यापक शुदुध् एवं अनुप्रयुक्त भौतिकी विभाग ने किया। इस अवसर पर विभिन्न विद्यापीठों के अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्षगण, अधिकारी, शिक्षणकगण उपस्थित रहे।
