
- कविता जीवन की संवेदनाओं की अभिव्यक्ति है- कुलपति प्रो. चक्रवाल
- हिंदी विभाग के साहित्य वार्ता कार्यक्रम में एकल काव्य पाठ का आयोजन
बिलासपुर, 20 अक्तूबर। campussamachar.com, गुरू घासीदास विश्वविद्यालय (केन्द्रीय विश्वविद्यालय) के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ( Professor Alok Kumar Chakrawal Vice Chancellor of Guru Ghasidas Vishwavidyalaya -Central University ) का साहित्य वार्ता के अंतर्गत एकल काव्य पाठ का आयोजन विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा आज दिनांक 20 अक्टूबर, 2023 को अपराह्न 4 बजे रजत जयंती सभागार में किया गया।
ggu news today : कुलपति प्रोफेसर चक्रवाल ( Professor Alok Kumar Chakrawal Vice Chancellor of Guru Ghasidas Vishwavidyalaya -Central University ) ने कहा कि एक सामान्य मनुष्य के नाते जीवन को देखने का जो तरीका है उसे ही मैंने शब्दबद्ध किया है। मेरी कविताएं जीवन के अनुभवों की अभिव्यक्ति हैं। काव्यपाठ के दौरान उन्होंने कल की ही बात है, रौशनी और मां, मुस्कुरा लेता हूं मैं, अभिलाषा, आज में जी लो, अपना देश और मिट्टी आदि कविताओं का पाठ किया। सुसंगत भाषा, शानदार पाठ, लयात्मक अभिव्यक्ति एवं ओज का पुट लिये कुलपति प्रोफेसर चक्रवाल की कविताएं अपने पूरे पाठ के दौरान श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करती रहीं।
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ggu news : कुलपति प्रोफेसर चक्रवाल ( Professor Alok Kumar Chakrawal Vice Chancellor of Guru Ghasidas Vishwavidyalaya -Central University ) ने अपनी कविताओं के माध्यम से साधारण व्यक्ति की पीड़ा और अभाव को अभिव्यक्त करने के साथ ही देश की सीमा पर व्याप्त खतरों से भी आगाह कराया। अपनी कविताओं में उन्होंने मां के आंचल की बाट जोहती पलकों की नमी को समेटे प्रेम के गहरे और विस्तृत कैनवास पर विविध रंगों उकेरा है।
ggu bilaspur news : अध्यक्षीय उद्बोधन में वरिष्ठ नवगीतकार डॉ. अजय पाठक ने कहा कि कुलपति प्रोफेसर चक्रवाल की कविताएं युगबोध कराने के साथ-साथ जीवन को उत्कर्ष की ओर ले जाने की प्रेरणा देती है। उनकी कविताओँ में भाषा, संस्कृति, संस्कार और संवेदनाओं की गहनता तथा सरलता झलकती है।

इससे पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर मां सरस्वती एवं संत गुरु घासीदास जी के तैल चित्र पर पुष्प अर्पण किया। अतिथियों का स्वागत नन्हें पौधों से हुआ। स्वागत भाषण डॉ. गौरी त्रिपाठी विभागाध्यक्ष हिंदी विभाग ने दिया। इस अवसर पर सौराष्ट्र विश्वविद्यालय की पूर्व कुलगुरु प्रो. नीलांबरी दवे उपस्थित रहीं। अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। संचालन डॉ. मुरली मनोहर सिंह ने तथा धन्यवाद ज्ञापन एवं विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. मनीष श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम का फेसबुक व यूट्यूब लाइव प्रसारण किया गया। इस अवसर पर प्रतिष्ठित साहित्यकार एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
