
- सीयू में दो दिवसीय यूजीसी-एमएमटीटीसी सेंट्रल जोन रीजनल वर्कशॉप का आयोजन
बिलासपुर , 31 जनवरी , campussamachar.com, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय ( Guru Ghasi Das University news ) नैक से ए++ ग्रेड प्राप्त विश्वविद्यालय में आज 31 जनवरी एवं 01 फरवरी को दो दिवसीय यूजीसी-एमएमटीटीसी सेंट्रल जोन रीजनल वर्कशॉप का आयोजन किया गया।
आज 31 जनवरी कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय ( Guru Ghasi Das University news) के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल( Professor Alok Kumar Chakrawal Vice Chancellor of Guru Ghasidas Vishwavidyalaya -Central University,) ने कहा कि मालवीय मिशन टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर शिक्षकों को अपग्रेड करने के साथ शिक्षण के बेहतर तरीके सिखाने पर निरंतर प्रयास कर रहा है।
कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ( Professor Alok Kumar Chakrawal Vice Chancellor of Guru Ghasidas Vishwavidyalaya -Central University) ने कहा कि एमएमटीटीसी शिक्षकों के प्रशिक्षण हेतु विद्वान रिसोर्स पर्सन को आमंत्रित करें जिससे कि लक्ष्य केंद्रित, सामर्थ्यवान शिक्षकों का निर्माण किया जा सके, जो भविष्य के क्षमतावान एवं नेतृत्वकर्ता विद्यार्थियों को तैयार कर सके। इसके माध्यम से 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। एमएमटीटीसी में ज्यादा से ज्यादा सूचना एवं प्रौद्योगिकी का प्रयोग कर शिक्षकों को भविष्य की चुनौतियों के साथ अवसर हेतु भी तैयार किया जाए।
अतिविशिष्ट अतिथि देवेन्द्र कुमार शर्मा, निदेशक, उच्च शिक्षा, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार ने कहा कि देश के सभी एमएमटीटीसी एक दूसरे से बेहतर तौर-तरीके सीखते हुए विकास कर रहे हैं। ज्यादा से ज्यादा ऑफलाइन माध्यम में कार्यक्रमों का आयोजन हो जिससे प्रभावशाली तरीके से शिक्षकों को सीखने का अवसर मिले।
विशिष्ट अतिथि डॉ. जितेन्द्र कुमार त्रिपाठी, संयुक्त सचिव, यूजीसी, नई दिल्ली ने कहा कि गुरु घासीदास विश्वविद्यालय ( Guru Ghasidas Vishwavidyalaya -Central University) ने दो दिवसीय कार्यशाला हेतु अत्यंत सुविधाजनक एवं सराहनीय व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार शिक्षकों के प्रशिक्षण एवं विकास के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजित करती है। शिक्षकों को आदर्श स्थापित करना होगा जिससे युवाओं में अनुशासन एवं मूल्यों का विकास हो।
इससे पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर मां सरस्वती, बाबा घासीदास एवं छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किये। तरंग बैंड ने सरस्वती वंदना एवं कुलगीत की प्रस्तुति दी। नन्हें पौधों से अतिथियों का स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. ए.एस. रणदिवे ने तथा संचालन डॉ. प्रिंसी मतलानी ने किया। इस अवसर पर मंचस्थ अतिथियों द्वारा डॉ. अर्चना यादव द्वारा लिखित लीडरशिप इन एकेडेमिया एवं डॉ. राजेश दुबे, जोधपुर विश्वविद्यालय राजस्थान द्वारा लिखित पुस्तक नेविगेटिंग इंडियन नॉलेज सिस्टम: विकसित भारत@2047 का विमोचन किया गया। अतिथियों को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर मध्य क्षेत्र के विभिन्न एमएमटीसी निदेशक, विश्वविद्यालय के विभिन्न विद्यापीठों के अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्षगण, शिक्षक एवं अधिकारी, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
