बिलासपुर. गुरू घासीदास विश्वविद्यालय(GGU Bilaspur-central University) के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल की अध्यक्षता में academic council की प्रथम बैठक 27 अगस्त, 2021 को प्रशासनिक भवन के सभा कक्ष में हुई। इसमें कुलपति ने कहा कि विद्यापरिषद विश्वविद्यालय की अकादमिक दिशा को निर्धारित करने वाला महत्वपूर्ण अंग है। बाह्य सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के सभी अंग गतिमान हो गये हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी के संकल्प, बौद्धिक कौशल, सक्रिय सहयोग एवं विश्वास से विश्वविद्यालय वैश्विक पटल पर स्थान बनायेगा। बैठक में बाह्य सदस्य के रूप में डॉ. एस.बी. कोनाले सोसायटी फ ॉर इंडियन मेडिकल एंथ्रोपोलोजी ने कहा कि नवनियुक्त कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल की अकादमिक जगत में ख्याति विदित है।
वहीं प्रदीप देशपांडे ने कहा कि हमें विकसित विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित होने का अवसर है। डॉ. जोराम बेगी ने ऑनलाइन माध्यम से कहा कि महामारी कोविड 19 के चलते बैठक में शारीरिक रूप से शामिल होना संभव नहीं था इसलिए ऑनलाइन शामिल हुआ। उन्होंने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय में सजृनात्मकता को बढ़ावा मिलेगा और नये प्रतिमान स्थापित होंगे।
महत्वपूर्ण विषयों पर हुई चर्चा
GGU Bilaspur-central University विद्यापरिषद की बैठक मे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार विद्यापरिषद की आवश्यक बैठक ६ अक्टूबर २०२० के कार्यवृत्त की पुष्टि की गई। विद्यापरिषद की आवश्यक बैठक 06.10.2020 के पालन प्रतिवेदन का अवलोकन किया गया एवं विद्यापरिषद की स्थाई समिति के विभिन्न बैठकों के कार्यवृत्त का अनमोदन किया गया। विभागाध्यक्षों की नियुक्ति एवं चक्रानुक्रम संबंधी अध्यादेश के प्रारूप पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त अध्यक्ष की अनुमति से आंतरिक गुणवत्ता अवं आश्वासन प्रकोष्ठ समिति की बैठक 26 अगस्त, 2021 के कार्यवृत्त की पुष्टि की गई।
ये विद्वान हुए बैठक में शामिल
ऑफलाइन मोड में बाह्य सदस्य के रूप में डॉ. एस.बी. कोनाले सोसायटी फॉर इंडियन मेडिकल एंथ्रोपोलोजी एवं प्रदीप देशपांडे व विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. शैलेन्द्र कुमार सहित विभिन्न विद्यापीठों के अधिष्ठातागण एवं अन्य आमंत्रित सदस्य तथा डॉ. जोराम बेगी और प्रो. कमलेश पी. जोशीपुरा विधि विभाग, सौराष्ट्र विश्वविद्यालय राजकोट गुजरात ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे। बैठक में कोविड-19 की सुरक्षा एवं बचाव से जुड़े भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निदेशोज़्ं एवं अन्य नियमों का ध्यान रखा गया।
