

- कुलपति ने कहा कि आप सब इस प्रण के साथ विश्वविद्यालय में पढ़े की हमें देश को विकसित बनाने में हर संभव प्रयास करना है। नौकरी करने के लिए बजाय हम नौकरी देने वाले बने ऐसा प्रयास करना है।
- इस अवसर पर इस खुली कक्षा के संयोजक तथा पर्यटन एवं होटल प्रबंधन संसथान के वरिष्ठतम प्रोफ़ेसर लवकुश मिश्रा द्वारा लिखित व निखिल प्रकाशन, आगरा द्वारा प्रकाशित पुस्तक इंट्रोडक्शन टू टूरिज्म स्टडीज का विमोचन भी किया गया।
आगरा , 31 अक्तूबर , डॉ0 भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा ( Dr Bhimrao Ambedkar University, Agra) के संस्कृति भवन में एक नए विचार के साथ ओपन क्लास का शुभारंभ किया गयाl विश्व विद्यालय की कुलपति प्रोफेसर आशु रानी ने इस खुली कक्षा का शुभारंभ किया है . इस अवधारणा के अनुसार अभी तक विश्वविद्यालय में छात्र अपने पहले से निर्धारित केवल पाठ्यक्रम ही पढ़ते रहे है। परंतु अब उन्हें सिलेबस के अलावा भी विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिए जाएंगे जिससे उनकी सोच का दायरा और ज्यादा व्यापक हो सके ।
इस सामाजिक ज्ञान के आधार पर वे अपने जीवन में और अधिक सफल बन सके . संस्कृति भवन ने वे आज छात्रों से भी रूबरू हुई और पढ़ाई के साथ-साथ उनके विचार और जीवन में चुनौतियों को भी जाना । कुलपति ने छात्रों से उनके भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। कुलपति ने कहा कि आप सब इस प्रण के साथ विश्वविद्यालय में पढ़े की हमें देश को विकसित बनाने में हर संभव प्रयास करना है। नौकरी करने के लिए बजाय हम नौकरी देने वाले बने ऐसा प्रयास करना है।
Dr Bhimrao Ambedkar University, Agra news : आज की खुली कक्षा का विषय था स्वदेशी, स्वावलंबन एवं समृद्धि जिसके मुख्य वक्ता के रूप में शहर के जाने माने चार्टेड अकाउंटेंट श्री प्रमोद सिंह चौहान को आमंत्रित किया गया थ। श्री चौहान ने देश के इतिहास से लेकर वर्तमान तक देश के समक्ष कब कब चुनौतिया रही और उनका समाधान कैसे देश ने निकाला और स्वावलंबन क्यों जरूरी है? सभी पहलुओं को विस्तार से समझाया।

श्री चौहान ने कहा कि स्वावलंबन के लिए स्वदेशी का उपयोग करें तभी देश समृद्ध बन सकेगा। भारत को ईस्ट इंडिया कंपनी ने आर्थिक मामलों से शुरू करके राजनीतिक रूप से गुलाम बनाया था। आज यह आवश्यकता है कि हम इतिहास की गलतियों से सबक लेते हुए अपने देश को स्वावलंबी बनाए। जिससे भारत में समृद्धि बढ़े और हमारे देश के लोगों को विदेश में जाकर रोजगार की तलाश न करनी पड़े । श्री चौहान ने बताया कि हमारे देश में पहले कपड़ा उद्योग से लेकर के अन्य तमाम उद्योग अपनी उन्नत अवस्था में थे जो अंग्रेजों के आने से धीरे-धीरे समाप्त होते चले गए । जिससे रोजगार , कला और अर्थव्यवस्था पर विपरीत असर पड़ा।
उन्होंने बताया कि कभी हमारे बंगाल का कपड़ा उद्योग इतना उन्नत था कि अंगुठी के छल्ले में सिल्क की पूरी साडी निकल जाती थी। इतना महीन और उत्कृष्ट कलाकारी थी। परन्तु यंत्रीकरण और भारत के गुलाम होने के कारण हमारे देश की कला को षड़्यंत्र के तहत नष्ट किया गया। आज देश को वैचारिक रूप से और ऊपर ले जाने की आवश्यकता है जिससे यह फिर से विकसित और विश्व गुरु बन सक। प्रमोद चौहान ने कहा कि भारत में प्रतिभा की कमी नहीं ह। अमेरिका सहित तमाम यूरोपीय कंपनियों में भारतीयों ने जाकर उन्हें समृद्ध बनाया है और अब बारी हमारे देश की है।

इस अवसर पर इस खुली कक्षा के संयोजक तथा पर्यटन एवं होटल प्रबंधन संसथान के वरिष्ठतम प्रोफ़ेसर लवकुश मिश्रा द्वारा लिखित व निखिल प्रकाशन , आगरा द्वारा प्रकाशित पुस्तक इंट्रोडक्शन टू टूरिज्म स्टडीज का विमोचन भी किया गया। प्रोफ़ेसर मिश्रा ने बताया की यह खुली कक्षाएं छात्रों को आउट ऑफ़ बॉक्स सोचने के काबिल बनाएगी और उनके भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होगी। इस किताब के बारे में उन्होंने कहा की पर्यटन पर किताबो का बहुत अभाव है जो उपलब्ध है वे बहुत मांगी और कठिन भाषा में है। यह पुस्तक पूरी तरह सरल भाषा में लिखी गयी है और अत्यंत सस्ती है जिसे आम छात्र भी खरीद सकता है।
कार्यकम का संचालन संसथान की शिक्षिका डॉ वाई० अपर्णा ने किया व धन्यवाद ज्ञापन अमित साहू ने किया। इस अवसर पर संस्तःन की फैकल्टी साक्षी तिवारी, विभा माथुर, डॉ अंजलि कुमारी ,रंजीत सिंह , कुलदीप यादव, नितिन, अलवीना, रजनी कुलदीप दीक्षित व तनिष्का , इशिता,यशिका, पवन , कशिश , सितारा , विनीत सहित अन्य छात्र छात्राये उपस्थित रहे।
