
- डॉ अलका सिंह को प्राप्त ग्रांट में हवाई किराया, आवास इत्यादि भत्ता मॉस्को स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस (एमजीआईएमओ यूनिवर्सिटी) से यात्रा अनुदान द्वारा कवर किया जाएगा।
लखनऊ, 04 अक्तूबर,campussamachar.com, डॉ राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय ( Dr. Ram Manohar Lohiya National Law University lucknow, ) की अंग्रेजी की शिक्षिका डॉ. अलका सिंह को मॉस्को स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस (एमजीआईएमओ विश्वविद्यालय) से शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए अनुदान प्राप्त हुआ।
डॉ अलका सिंह द्वारा लिखित “ब्रिजिंग लिंग्विस्टिक एंड कल्चरल गैप्स: इनोवेटिव प्रैक्टिसेज इन टीचिंग इंग्लिश टू रशियन-स्पीकिंग स्टूडेंट्स” शीर्षक वाले शोध पत्र को 7वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन “द मैजिक ऑफ इनोवेशन: द मैजिक ऑफ इनोवेशन: लिंग्विस्टिक्स एंड लैंग्वेज एजुकेशन इन न्यू मल्टीलेटरलिज्म” में प्रस्तुति के लिए स्वीकार कर लिया गया है, जो 24-25 अक्टूबर 2025 को मॉस्को स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस (एमजीआईएमओ यूनिवर्सिटी) में आयोजित किया जाएगा। डॉ अलका सिंह को प्राप्त ग्रांट में हवाई किराया, आवास इत्यादि भत्ता मॉस्को स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस (एमजीआईएमओ यूनिवर्सिटी) से यात्रा अनुदान द्वारा कवर किया जाएगा।
अपने पेपर में डॉ अलका सिंह ने शिक्षण का एक अभिनव मॉडल प्रस्तावित किया है। इसमें प्रासंगिक शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रामाणिक सामग्रियों और वास्तविक जीवन के परिदृश्यों का सामंजस्य , भाषा सीखने के ऐप्स और मल्टीमीडिया संसाधनों जैसी तकनीकों को प्रयोग करने पर बल है।
बहुभाषी परिवेश में सांस्कृतिक आदान-प्रदान के दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की बात कही गयी है जहाँ छात्र अपने सांस्कृतिक अनुभवों और परंपराओं को साझा करने , अंतर-सांस्कृतिक समझ और सहानुभूति को बढ़ावा देने , छात्रों के संचार कौशल को विकसित करने के लिए रोल-प्ले, वाद-विवाद और प्रस्तुतियों जैसी वास्तविक जीवन की स्थितियों का अनुकरण करने वाली कार्य-आधारित शिक्षण गतिविधियों का उपयोग करने की चर्चा है।
