
नई दिल्ली, 03 अगस्त , दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में दिल्ली स्कूल शिक्षा विधेयक 2025’ को प्रस्तुत किया जाएगा। दिल्ली स्कूल शिक्षा विधेयक में स्कूलों पर सख्त निगरानी और जुर्माने का प्रावधान है। ऐसा होने से प्राइवेट स्कूल फीस बढ़ाने को लेकर मनमानी नहीं कर पाएंगे। माना जा रहा है कि रेखा गुप्ता की दिल्ली सरकार प्राइवेट स्कूलों की मनमानी से अभिभावकों को राहत देने की तैयारी में है , जो बच्चों की फीस लगातार बढ़ाए जाने से परेशान होते रहते हैं।
इस बिल में क्या खास
दिल्ली सरकार के दिल्ली स्कूल शिक्षा विधेयक 2025’ में ऐसे कई सख्त प्रावधान जोड़े गए हैं, जो छात्रों और अभिभावकों दोनों के हित में हैं। अगर कोई स्कूल छात्र का नाम काटता है, परीक्षा परिणाम रोकता है, कक्षा या अन्य गतिविधियों के मामलों में शिक्षा निदेशक को प्रति छात्र 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का अधिकार होगा।
हर स्कूल में होगी कमेटी
दिल्ली स्कूल शिक्षा विधेयक 2025 के अनुसार, हर स्कूल में एक फीस रेगुलेशन कमिटी बनाई जाएगी, जिसमें अभिभावकों को भी शामिल किया जाएगा। यह कमिटी तय करेगी कि फीस में कितनी बढ़ाई जानी चाहिए। अगर किसी को इस फैसले से आपत्ति है, तो वह पहले डिस्ट्रिक्ट लेवल कमिटी और फिर स्टेट रिविजन कमिटी में अपील कर सकता है।
अभिभावकों के लिए उम्मीद की किरण
Delhi Government School Education Bill 2025: दिल्ली सरकार के दिल्ली स्कूल शिक्षा विधेयक 2025’ का उद्देश्य उन लाखों अभिभावकों को राहत पहुंचाना है, जो हर साल फीस बढ़ाए जाने और स्कूलों की दबाव नीति के शिकार हो रहे हैं। अब अगर यह बिल पास हो जाता है और सही तरीके से लागू होता है, तो प्राइवेट स्कूलों की जवाबदेही तय करना है .
