इस कन्वेशन का आयोजन सीटू की उत्तर प्रदेश ईकाई ने किया है। कन्वेंशन की अध्यक्षता कौशलेन्द्र पाण्डेय व संचालन प्रेम नाथ राय ने किया।
लखनऊ, 27 जुलाई , ‘ रेलवे सुरक्षा का प्रश्न सरकार की नीतियों से जुड़ा है। नवउदारवाद की नीति इसके लिये जिम्मेदार है। स्थायी कर्मचारियों की जगह कैजुअल, आउट सोर्सिंग ,व नियत अवधि के रोजगार के कारण काम के गुणवत्ता पर इसका असर पड़ता है। निजीकरण की प्रक्रिया के कारण ट्रैक की मरम्मत, सिंगनल आदि प्रभावित हुये है। निजी कम्पनियों ने मुनाफा कमाने के लिये गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दे रही है। इसलिये रेल दुर्घटना बढ़ी है। इसकी जिम्मेदारी कर्मचारियों पर विशेष कर लोको पायलट पर डाल दी जाती है।
उक्त बातें सीटू के राष्ट्रीय सचिव के एने उमेश ने रेलवे सुरक्षा पर आयोजित कन्वेंशन में कही। कन्वेंशन को आल इण्डिया लोको रनिंग स्टाफ एसोशिएसन के वाराणसी मण्डल अध्यक्ष संतोष सिंह हड्डा ने कहा कि रेलवे में हजारों पद लोको पायलट के खाली है। काम का बोझ बढ़ा है। रेलवे का बजट अलग से होता था तो सुरक्षा पर पैसा खर्च होता था। जबसे रेलवे का बजट आम बजट से मर्ज किया गया है। सुरक्षा पर कम पैसा खर्च किया जा रहा है।
आल इण्डिया गार्डस कौंसिल के मण्डलीय महामंत्री रामदेव ने कहा कि ‘‘ रेलवे जनता की सेवा के लिये एक सार्वजनिक क्षेत्र बना रहे’’ इस महान उद्देष्य से यह कन्वेंषन हो रहा है। सराहनीय है। उन्होनें कहा कि रेलवे में तीन लाख पद खाली है। कन्वेंषन को कमल उसरी, अजय कुमार सरोज, राघवेन्द्र सिंह, आर एस महतो, मो0 खालिद आदि रेलवे नेताओं ने सम्बोधित किया।
कन्वेषन में एक प्रस्ताव पास कर कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोण्डा आदि में रेलवे सुरक्षा पर कन्वेषन करने का निर्णय लिया गया। 5 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक रेलवे सुरक्षा को लेकर अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इस कन्वेशन का आयोजन सीटू की उत्तर प्रदेश ईकाई ने किया है। कन्वेंशन की अध्यक्षता कौशलेन्द्र पाण्डेय व संचालन प्रेम नाथ राय ने किया।
