
रायपुर.हमारा जीवन कैसा हो. हमें अपनी दिनचर्या लोक व्यवहार सोच विचार और मानसिकता किस तरह की रखनी चाहिए जिससे कि हमारा राष्ट्र विश्व के सामने गुरू होने का आदर्श स्थापित कर सके.
यह चिंतन मनन मोबाइल और पाश्चात्य प्रभावित वातावरण में भ्रमित पीढ़ी को अपनाने की जरूरत है. इस उद्देश्य से विद्या भारती द्वारा देशभर में निबंध प्रतियोगिता 14 सितंबर को सभी सरस्वती शिशु मंदिर एकल और आवासीय विद्यालयों में आयोजित की जा रही. विद्या भारती के द्वारा प्रत्येक प्रांत से विभिन्न वर्गों में प्रथम आने वाले छात्र छात्राओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा. प्रदेश के सभी सरस्वती शिशु मंदिरों में छात्र छात्राओं के लिए निबंध स्पर्धा 14 सितंबर को आयोजित होगी. इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में जीवन निर्माण के विभिन्न पहलुओं की समझ को विकसित करना है.
विद्या भारती की ओर से सशिसं के प्रचार विभाग के संस्कार श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली इस निबंध प्रतियोगिता में हजारों विद्यार्थी भाग लेंगे। इसमें भाग लेने की पात्रता और उनके लिए निबंध के विषय अलग-अलग निर्धारित किए गए हंै। इसलिए विद्यार्थियों को सावधानीपूर्वक विषयों पर अपनी लेखनी चलानी होगी। इस प्रतियोगिता के लिए चौथी और पांचवी के बच्चों को प्रात: काल उठि के रघुनाथा ब्रह्म मुहूर्त का महत्व , छठी से आठवीं तक मित्रक दुख रज मेरु समाना मित्रता निभाना , कक्षा नौवीं दसवीं के लिए नारी धर्म कछु ब्याज बखानी भारतीय संस्कृति में नारी धर्म , कक्षा 11वीं 12वीं के छात्र छात्राओं को भय बिनु होइ न प्रीति भय के बिना प्रीति नहीं होती विषयों पर निबंध लिखना होगा।
