
- छत्तीस गढ़ प्रधान पाठक कल्याण संघ के प्रांतीय सरंक्षक सीके महिलांगे ने आज बताया कि BLO कार्य में लगभग अधिकांश शालाओं के शिक्षक शिक्षिकाओं का ड्यूटी लगाई गई है, जिससे शाला बंद होने की स्थिति बन गई है ।
- शिक्षकों के काम देखकर पालकों और अभिभावकों में भी नाराजगी देखी जा रही है उनका कहना है कि शिक्षकों को सिर्फ पढ़ाने लिखाई में ध्यान देना चाहिए उनका नियुक्ति ही पढ़ाने लिखाने के लिए किया गया है।
- शिक्षक परेशान हैं। ऐसे में शिक्षक चाहकर भी विद्यार्थियों को ठीक से समय नहीं दे पा रहे हैं।
बिलासपुर , 04 नवम्बर , छत्तीसगढ़ प्रधान पाठक कल्याण संघ ने गैर शिक्षकीय कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाने पर नाराजगी व्यक्त की है और कहा है कि इससे बच्चोँ की पढाई प्रभावित होने लगी है . संघ का कहना है कि एक तरफ तो शासन के द्वारा मुख्यमंत्री गुणवत्ता वर्ष मनाया जा रहा है. तो वहीं दूसरी और शिक्षकों को अपार आई डी,FLN युडाईस आनलाईन आफलाईन, बैठक, प्रशिक्षण साक्षर भारत कार्यक्रम, जयंती समारोह के साथ साथ अब BLO कार्य के लिए जिम्मेदारी दे दी गई . ऐसे में पढ़ाई लिखाई छोड़ बाकी सभी काम हो रहा है।
छत्तीस गढ़ प्रधान पाठक कल्याण संघ के प्रांतीय सरंक्षक सीके महिलांगे ने आज बताया कि BLO कार्य में लगभग अधिकांश शालाओं के शिक्षक शिक्षिकाओं का ड्यूटी लगाई गई है, जिससे शाला बंद होने की स्थिति बन गई है । शासन गुणवत्ता वर्ष घोषित किया गया जो सिर्फ कागजों पर चल रहा है जबकि वास्तविकता ये है कि शिक्षकों का कक्षा में जाने का समय ही नहीं दिया जा रहा है आए दिन कोई न कोई गैर शिक्षकीय कार्य आनलाईन आफलाईन लिया जा रहा है जिससे शिक्षक परेशान हैं। ऐसे में शिक्षक चाहकर भी विद्यार्थियों को ठीक से समय नहीं दे पा रहे हैं।
सस्पेंड हो रहें शिक्षक
अधिकारियों के द्वारा शालाओं में गुणवत्ता का निरीक्षण, स्वच्छता का निरीक्षण, उपस्थिति निरीक्षण, अध्यापन निरीक्षण, मध्यान्ह भोजन निरीक्षण किया जाता तो किसी मे भी कमी पाई जाती है तो संस्पेड की कार्रवाई की जाती है शिक्षकों से गैर शिक्षकीय काम भी करा रहे हैं और अच्छे रिजल्ट का अपेक्षा भी कर रहे हैं तो ऐसे में कहाँ से रिजल्ट आयेगा . गुणवत्ता शिक्षकों के ऊपर तो लादा जा रहा है हर काम। शिक्षको के काम देखकर पालको , अभिभावकों में भी नाराजगी देखी जा रही है उनका कहना है कि शिक्षकों को सिर्फ पढ़ाने लिखाई में ध्यान देना चाहिए उनका नियुक्ति ही पढ़ाने लिखाने के लिए किया गया है। शासन को इस पर विचार करना चाहिए। अन्यथा स्कूलो में पढ़ाई लिखाई ही नहीं होगी तो कोई भी माता पिता अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाना ही नहीं चाहेंगे।
बिलासपुर शहर के शासकीय प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शालाओं के समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं और प्रधान पाठकों को भी निर्वाचन ड्यूटी बी एल ओ में ड्यूटी लगाई गई है जिसके कारण कल से शहर के समस्त शासकीय स्कूल ताला बंद की स्थिति निर्मित हो गई है इस कारण कल से बच्चों की पढ़ाई लिखाई ठप्प हो जाएगी बच्चों को मध्यान भोजन और बच्चों की अध्ययन अध्यापन के अलावा ताला खोलने वाला भी नहीं रहेगा सभी की ड्यूटी निर्वाचन में लगा दी गई है जिसके कारण समस्या खड़ी हो गई है .
ये है मांग :
सभी शासकीय स्कूलों में एक-एक कंप्यूटर और कंप्यूटर ऑपरेटर दिया जावे ताकि सभी कार्य ऑनलाइन और ऑफलाइन किया जा सके शिक्षक अपने व्यक्तिगत मोबाइल से काम कर करके थक चुके हैं धन्यवाद
