
बिलासपुर , 24 मई ,campussamachar.com, छत्तीसगढ़ प्रधान पाठक कल्याण संघ के संरक्षक सी के महिलांगे ने समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ की ओर से भाषा सीखो के लिए सात दिवसीय समर कैंप आयोजित करने के निर्णय पर सवाल उठाया है . महिलांगे ने समर कैंप में भाषा सीखने के निर्णय को पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में बच्चे दो भाषाएं जानते हैं , छत्तीसगढ़ी और हिंदी . छत्तीसगढ़ी उनकी मातृभाषा होने के कारण वे छत्तीसगढ़ी भाषा को अच्छी तरह से न केवल बोल सकते हैं बल्कि भी लिख पढ़ सकते हैं और दूसरी भाषा हिंदी है. ऐसे में हिंदी विषय के शिक्षक कि विद्यार्थियों को भाषा सिखा सकते हैं लेकिन वह भी हिंदी ही .
CG Teachers News : अब अगर दूसरी भाषा विद्यार्थियों को सिखानी है तो राज्य सरकार को चाहिए कि वह विद्यालयों में संबंधित विषय के शिक्षकों की नियुक्ति करें और वे शिक्षक विद्यार्थियों को भाषा सिखाएं . प्रधान पाठक कल्याण संघ के संरक्षक सी के महिलांगे ने कहा कि छत्तीसगढ़ का शिक्षा विभाग लगातार ऐसे निर्णय ले रहा है जिससे शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की वजह इस शिक्षकों का ही उत्पीड़न हो रहा है . उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इस मुद्दे पर विचार करना चाहिए कि शिक्षकों को प्रताड़ित करके शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार के सुधार की संभावनाएं नहीं बनेगी बल्कि शिक्षकों के वेतन , प्रमोशन सहित सभी आवश्यक मांगों को पूरा कर शिक्षा में आवश्यक गुणवत्ता को सुनिश्चित किया जाना महत्वपूर्ण होगा .
