

- कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ ने की।
रायपुर , 30 सितंबर, महान शायर दुष्यंत कुमार ( Dushyant Kumar Shayari ) की स्मृति में नवरंग काव्य मंच एवं जैन कवि संगम छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित काव्य संध्या “कैसे मंज़र सामने आने लगे हैं” का कार्यक्रम बेहद सफल और रसमय रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ ने की।
मुख्य अतिथि रहीं मैट्स विश्वविद्यालय हिंदी विभाग की अध्यक्षा डॉ रेशमा अंसारी। विशिष्ट अतिथि रहे जमशेदपुर से पधारे प्रख्यात कहानीकार मुकुल वर्मा एवं युवा संस्था के संस्थापक एम राजीव सर। कार्यक्रम के संचालन का दायित्व निभाया राजेश जैन ‘राही’ ने। युवा कवयित्री योगिता साहू ने दुष्यंत कुमार की जीवनी का पाठ किया। उपस्थित रचनाकारों ने अपनी ग़ज़लों, कविताओं एवं छंदों से समां बांध दिया।
वयोवृद्ध कवि सुरेंद्र रावल ने बुढ़ापे पर ज़ोरदार व्यंग्य का पाठ किया। शायर आर.डी.अहिरवार, इमरान अब्बास, राकेश अग्रवाल, राकेश तिवारी एवं सुषमा पटेल ने ग़ज़लों का पाठ किया। शीलकांत पाठक, राजेन्द्र ओझा, संदीप शर्मा बिहार से पधारे कवि सागर इंडिया ने मनभावन रचनाओं की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में जमशेदपुर झारखंड से पधारे प्रख्यात कहानीकार मुकुल वर्मा ने अपनी कहानी ‘गौरैया’ का वाचन किया। जिसे श्रोताओं द्वारा बेहद सराहा गया। इस अवसर पर मुकुल वर्मा द्वारा ‘मूकदृष्टि’ के नाम से दो छायाचित्र भी प्रदर्शित किए गए। जिसे दर्शकों ने बेहद पसंद किया।शीलकान्त पाठक जी ने कहा- दोनों चित्र किसी कविता से कम नहीं है।
Hindi Shayari | hindi ghazal | दुष्यंत कुमार | Poetryयुवा संस्था के संस्थापक एम. राजीव सर ने कहानीकार मुकुल वर्मा की कहानियों का पाठ ‘युवा’ के छात्रों के बीच कराने की इच्छा प्रकट की। नवरंग काव्य मंच, जैन कवि संगम छत्तीसगढ़ की ओर से सभी अतिथियों, रचनाकारों एवं काव्य रसिकों का हार्दिक धन्यवाद है।
राजेश जैन ‘राही’
