
- एफएमडीआई, गुरुग्राम (दिल्ली NCR) में 22 से 25 अप्रैल तक आयोजित होगा विशेष प्रशिक्षण सत्र
- प्रदेश के सहकारी कार्यकर्ताओं में हर्ष और उत्साह का माहौल
रायपुर, 20 अप्रैल,campussamachar.com, सहकार भारती छत्तीसगढ़ द्वारा सहकारी क्षेत्र में नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्रदेश के पाँच वरिष्ठ प्रतिनिधियों को आगामी नैनो उर्वरक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए नामित किया गया है। यह राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण सत्र 22 से 25 अप्रैल 2025 तक एफएमडीआई (FMDI), गुरुग्राम (दिल्ली NCR) में आयोजित होगा।
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, मध्यप्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ सहित आठ राज्यों के चयनित प्रतिनिधि भाग लेंगे। छत्तीसगढ़ से रामप्रकाश केशरवानी (प्रदेश कोषाध्यक्ष) एवं घनश्याम तिवारी (प्रदेश संयोजक, पैक्स प्रकोष्ठ) के नेतृत्व में एक पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भाग लेगा। यह प्रतिनिधि प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित किए गए हैं, जो लंबे समय से सहकारी समितियों और ग्रामीण कृषि विकास के कार्यों में सक्रिय हैं।

आधुनिक कृषि में क्रांतिकारी बदलाव की ओर
नैनो उर्वरक आधुनिक कृषि की एक क्रांतिकारी तकनीक है, जो परंपरागत उर्वरकों की तुलना में कम मात्रा में अधिक प्रभावकारी परिणाम देती है। इससे मिट्टी की उर्वरता, फसल उत्पादन, और कृषि लागत नियंत्रण में काफी मदद मिलती है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिनिधियों को नैनो तकनीक, वैज्ञानिक प्रयोग विधियां, प्रभाव मूल्यांकन, भंडारण, प्रचार-प्रसार तथा वितरण प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
प्रशिक्षण के उपरांत होगा राज्यव्यापी प्रचार
प्रशिक्षण से लौटने के उपरांत सहकार भारती छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रशिक्षण कार्यशालाएं, जागरूकता शिविर एवं संवाद सत्र आयोजित करेगा। इसके माध्यम से किसानों एवं सहकारी समिति संचालकों को नैनो उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा, जिससे तकनीक का लाभ प्रदेश के कोने-कोने तक पहुँचे।
सहकारी कार्यकर्ताओं में उत्सव जैसा माहौल
छत्तीसगढ़ से प्रतिनिधिमंडल की सहभागिता को लेकर सहकारी कार्यकर्ताओं और समितियों में हर्ष और उत्साह का माहौल है। यह माना जा रहा है कि यह प्रशिक्षण न केवल प्रदेश के सहकारी ढांचे को सशक्त बनाएगा, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक मजबूत कदम सिद्ध होगा।
आत्मनिर्भर भारत की ओर सहकारिता का संकल्प
यह पहल आत्मनिर्भर भारत और सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में सहकार भारती की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। नैनो उर्वरकों के सही उपयोग से छत्तीसगढ़ में कृषि उत्पादकता, कृषक आय, और समितियों की प्रभावशीलता में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
