
- उन्होंने सवाल किया कि शिक्षक बेवजह बदनाम हो रह है ,शिक्षको से नाना प्रकार के कार्य करवा रहे है ये आखिरकार आम जनता , विपक्ष के नेताओं को क्यों नहीं दिखता?
रायपुर , 31 जनवरी , छत्तीसगढ़ प्रधान पाठक कल्याण संघ बिलासपुर के प्रांताध्यक्ष जयंत सिंह क्षत्रिय ने आज कहा है कि शिक्षक इस cg vsk app से नियमित हाजिरी नहीं डाल पा रहे है और नाहक कई घंटे से समय बर्बाद करके परेशान हो रहे है . उन्होंने कहा इससे मानसिक रूप से भी शिक्षकों के मन में विचार आ रहा है और मानसिक प्रताड़ित हो रहे है।
प्रांताध्यक्ष जयंत सिंह क्षत्रिय ने संकुल के जिम्मेदार शिक्षकों से अपील की है कि उच्च कार्यालय में इसकी सूचना दिया जाए और व्यवस्था या तो सही ढंग से सुधारना है तो सुधारा जाए बेवजह शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ना बंद करें। यदि व्यवस्था सुधारना ही है तो अधिकारियों से प्रारंभ होनी चाहिए .ये व्यवस्था ताकि शिक्षा की व्यवस्था में सुधार आए सिर्फ शिक्षकों पर दबाव देकर उनके आत्मसम्मान पर कुठाराघात किया जा रहा है और तो और मोबाइल के माध्यम से हमारी निजता और हमारी स्वतंत्रता पर भी प्रहार किया जा रहा है ।हम शिक्षकों को अध्ययन अध्यापन कराने के लिए ही नियुक्ति दिया गया है जिसको हम बखूबी निभाना जानते है किन्तु शासन प्रशासन स्वयं ही हमको गैरीशैक्षणिक कार्य में उलझाकर रख दिया है जिससे शासकीय स्कूलों के गरीब परिवार के बच्चों का भी स्तर लगातार गिर रहा है जिसकी जिम्मेदारी आम जनता को सिर्फ शिक्षकों पर ही दिखाई पड़ती है ।
उन्होंने शिक्षा में बार बार किये जा रहे प्रयोगों पर कहा वास्तविकता कुछ और ही है । शिक्षक एक कोल्हू की बैल की तरह हो गया है ,शिक्षक बेवजह ही चक्की में पिसता जा रहा है ,शिक्षक बेवजह बदनाम हो रह है ,शिक्षको से नाना प्रकार के कार्य करवा रहे है ये आखिरकार आम जनता , विपक्ष के नेताओं को क्यों नहीं दिखता? आखिर कब तक यूं ही शिक्षक इसी प्रकार से प्रताड़ित होता रहेगा?? शिक्षक जब अपने हक और अधिकारों की मांग करने सड़क पर उतरता है तो आम जनता को सिर्फ यहीं दिखता है कि ये लोगों को और कुछ कम नहीं सूझता और शिक्षकों को बददुआ ही देते रहते है।आखिरकार शिक्षकों को कब तक यूं ही दंश झेलना पड़ेगा?
शिक्षक लोग भी इसके लिए जिम्मेदार हैं डेली डायरी रोज़ का लिखे जिसका गैर शैक्षणिक कार्य में जितना समय लगता है अंकित करें और साल भर में कितना दिन अध्यापन कार्य और कितना दिन ग़ैर शिक्षकीय कार्य किया गया जिसका लेखा तैयार कर कलेक्टर की परामर्श दात्री समिति बात रखें कि पढ़ाई के स्तर में गिरावट के लिए कौन जिम्मेदार है,फिर कार्रवाई नहीं हुई तों विरोध प्रदर्शन करना जरूरी है क्योंकि अधिकारीगण सिर्फ कार्यवाही का भय दिखाते है किन्तु वास्तव में उनको किसी भी प्रकार से बच्चों के स्तर से किसी भी प्रकार लेना देना नहीं होता क्योंकि वो सिर्फ हाथ के कठपुतली होते है
