

- की-नोट स्पीकर के रूप में डा. रोली सेठ द्वारा इस विषय पर प्रकाश डालते हुये बताया कि महिलाओं के स्वास्थ्य पर चर्चा करते समय समग्र दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है.
लखनऊ, 08 सितम्बर , बी एस. एन. वी. पी. जी. कॉलेज के अंग्रेजी विभाग द्वारा “महिला स्वास्थ्य एवं कल्याण “विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारम्भ प्रबंध समिति के अध्यक्ष टी.एन . मिश्र के कर कमलों द्वारा हुआ। विषय विशेषज्ञ डा. रोली सेठ रही। इस संगोष्ठी में प्राचार्य प्रो० संजय मिश्र सहित महाविद्यालय के वरिष्ठ आचार्यगण शिक्षकों, शोधछात्रों और अन्य छात्र – छात्राओं की उपस्थिति रही ।

kkv news : राष्ट्रीय संगोष्ठी का आरम्भ सरस्वती जी के मूर्ति पर दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ। की-नोट स्पीकर के रूप में डा. रोली सेठ द्वारा इस विषय पर प्रकाश डालते हुये बताया कि महिलाओं के स्वास्थ्य पर चर्चा करते समय समग्र दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है अर्थात् इसमें सभी पहलुओं पर समग्रता से चर्चा की जाय । किशोरावस्था से मेनोपॉज तक की अवस्था में क्या-क्या परिवर्तन होते हैं, इस पर विस्तार से चर्चा की गयी । इस दौरान उन्होंने बताया कि स्वस्थ माँ से ही स्वस्थ बच्चे का जन्म होता है और स्वस्थ बच्चे से ही स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण होता है। इसी क्रम में बताया कि विवाह की न्यूनतम आयु जहाँ 18 वर्ष है वहीं बच्चा पैदा करने की न्यूनतम आयु २० वर्ष है। उन्होंने स्वास्थ्य पर किये गये निवेश को समाज में किये गये अन्य निवेशों में श्रेष्ठ बताया.

किशोरावस्था में शरीर में जो बदलाव या परिवर्तन हो रहे हैं क्यों हो रहे हैं? इसका कारण क्या है? इन विषयों पर समाज में खुलकर चर्चा होनी चाहिये जिससे समाज में फैले बहुत भ्रमों से किशोरियों को बचाया जा सके। डा. रोली सेठ ने महिलाओं के शारीरिक मानसिक, सामाजिक स्वास्थ्य के बारे में विस्तार से चर्चा की। पोषण और स्वच्छता पर जोर दिया, सुरक्षित मातृत्व पर सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से परिचर्चा की।
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