
लखनऊ, 21 अगस्त । campussamachar.com, लुआक्टा के अध्यक्ष मनोज पाण्डेय और महामंत्री प्रोफेसर अंशु केडिया के अनुसार सरकार द्वारा अनुदानित अशासकीय महाविद्यालयो में प्राचार्य, शिक्षक, कर्मचारियों एव एकमात्र छात्रों की बायोमैट्रिक उपस्थिति के माध्यम से सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को खत्म करने की साजिश तथा अन्य सभी मांगों के लिए शिक्षकों ने 16 अगस्त 23 से लगातर काले फीते के माध्यम से प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। अब इसी मुद्दे पर प्रदेश संगठन के निर्णय के अनुसार आंदोलन के अगले चरण में कल 22 अगस्त 23 को विश्वविद्यालय मुख्यालय पर धरना दिया जायेगा।
Lucknow University news : इसी क्रम में लुआक्टा द्वारा कल दिनांक 22 अगस्त 23 को लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University ) के सरस्वती वाटिका पर प्रात: 11:30 बजे से 1:30 बजे तक धरना दिया जायेगा। लुआक्टा के अध्यक्ष मनोज पाण्डेय और महामंत्री प्रोफेसर अंशु केडिया ने धरने को सफल बनाने के लिए कल दिनांक 22 अगस्त 23 को शिक्षकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का आग्रह किया है ।
लंबे समय से लंबित मांगे निम्नलिखित मांगे है-
1-पुरानी पेंशन बहाल की जाए।
2-अधिवर्षता आयु 65 वर्ष की जाए ।
3-विज्ञापन संख्या 47 में चयनित शिक्षकों का स्थायीकरण किया जाए ।
पीएचडी धारक शिक्षकों को 5 इन्क्रीमेट्स दिया जाए ।
4- आमेलन से वन्चित मानदेय शिक्षको को आमेलित किया जाय, एवम् आमेलित शिक्षको की पूर्व सेवाओ की गणना का लाभ प्रोनन्ति मे दिया जाय।
5–निदेशालय में व्याप्त भ्रष्टाचार को देखते हुए इसे लखनऊ हस्तांतरित किया जाए ।
6-स्थानांतरण लाभ 5 वर्ष के स्थान पर 2 वर्ष किया जाय ।
7-राज्य कर्मचारियो की भाँति कैशलेस मेडिकल सुविधा दी जाए ।
8-ग्रेच्युटी एवं अवकाश नकदीकरण का प्रावधान किया जाए ।
9-यू जी सी रेगुलेशन के अनुसार बिना पी एच डी धारको की एसोसियेट प्रोफेसर पर प्रोनन्ति की जाय , तथा प्रोफेसर पद पर प्रोनन्ति देयता तिथि से दिया जाय।
10-शासनादेश के अनुसार लाईब्रेरियन पद पर सेवा निवृति 62 वर्ष पर किया जाय ।
11-आकस्मिक अवकाशो की संख्या 8 से बढ़ाकर 14 की जाए एवं मेडिकल अवकाश का स्पष्ट प्रावधान हो ।
12-राज्य कर्मचारियो की तरह जी पी एफ का भुगतान एवम् पेंशन आनलाइन किया जाय ।
13-अकेडमिक कैलेंडर UGC नियमन के अनुसार लागू किया जाए ।
14-सेमेस्टर प्रणाली समाप्त किया जाए ।
15-सभी अकादमिक समितियों में 16-महाविद्यालयों के समस्त प्रोफेसर भी सम्मिलित किए जाए।
आदि कई अन्य माँगो को लेकर धरने का आयोजन किया गया है।
