
प्राचार्य अनिल वर्मा ने अध्यक्षीय संबोधन में मेगा बैठक में उपस्थित समस्त पालकों, अभिभवकों का स्वागत करते हुए कहा कि आगामी बैठक में ये संख्या और भी बढ़नी चाहिए।- संकुल समन्वयक ओमप्रकाश वर्मा ने बताया कि शिक्षकों को अध्यापन के अलावा शासन के निर्देश पर और भी कई कार्य करने पड़ते हैं।
- इस मेगा बैठक में ग्राम पंचायत सेमरताल, आश्रित ग्राम भदौरियाखार, ग्राम पंचायत जलसो, ग्राम पंचायत गतौरी से पढ़ाई कर रहे बच्चों के पालक बड़ी संख्या में आए हुए थे।
बिलासपुर , 02 अगस्त , सेमरताल – आज दिनांक 02/08/25 दिन शनिवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सेमरताल के चंदैनी गोंदा सभागार में छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में मेगा पालक शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। मेंगा बैठक में मुख्य अभ्यागत के रुप में शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सुरेन्द्र पाण्डेय, अति विशिष्ट अभ्यागत ग्राम पंचायत सेमरताल के सरपंच धनित्तर सूर्यवंशी, विशिष्ट अभ्यागत प्रबंध समिति सदस्य च्यवन सूर्यवंशी, समिति सदस्य अमित राव मराठा एवं पंच प्रतिनिधी रामकिशोर यादव मौजूद रहे।
बैठक की अध्यक्षता विघालय के प्राचार्य अनिल वर्मा ने की। बैठक में संकुल समन्वयक ओमप्रकाश वर्मा, प्रधान पाठक शांति तिर्की, प्रधान पाठक अनुप नूतन कुजूर, प्रधान पाठक इंदिरा कश्यप, शिक्षक राजेश्वरी देवांगन, व्याख्याता सीमा ठाकुर , व्याख्याता जागेश्वरी पाण्डेय, वर्षा भट्ट, चंदन सारखेल, रुपाली श्रीवास्तव, अभिलाषा मिश्रा, शैली यादव, पद्मा द्विवेदी, अदिति दुबे, ज्योति साहू , बीना सिंह, ग्रंथपाल टी. आर. लहरे, व्यायाम शिक्षक संदीप त्रिपाठी, उच्च वर्ग शिक्षक प्रदीप मुखर्जी, अनिता बोरकर, सुमन कौशिक, क्रांति सिंगरौल एवं बालमुकूंद शर्मा मौजूद रहे।
इस मेगा बैठक में ग्राम पंचायत सेमरताल, आश्रित ग्राम भदौरियाखार, ग्राम पंचायत जलसो, ग्राम पंचायत गतौरी से पढ़ाई कर रहे बच्चों के पालक बड़ी संख्या में आए हुए थे। इस बैठक की सफलता का आंकलन इस बात से लगाया जा सकता है कि पहली बार पालकों की संख्या एक सौ से उपर थी। सामान्यतः प्राईवेट स्कूलों में पेटीएम होता है, जहाँ माता पिता जरुर शामिल होते है। सरकारी विघालयों में आयोजित बैठकों में ग्रामीण पालकों की उपस्थिति न के बराबर रहती है।
सेमरताल में आयोजित मेगा बैठक में ज्यादा से ज्यादा पालक शामिल हो इसके लिए प्राचार्य अनिल वर्मा ने दो दिन पहले से ही विघार्थियों को इस बात के लिए तैयार किया कि वे अपने माता पिता को बैठक में अवश्य भेंजे। वहीं बैठक के एक दिन पहले प्रबंध समिति के अध्यक्ष सुरेन्द्र पांडेय ने कक्षा पहली से बारहवी तक प्रत्येक कक्षा के बच्चों से बात कर पालकों को आमंत्रित किया।
बैठक में विघालय के जर्जर भवन, पानी सिपेज, जल भराव, विघार्थियों के आधिक्य, शाला अनुशासन, मैंदान समतलीकरण, बच्चों में नशा, स्कूल सामाग्रियों की तोड़फोड़, शाला सफाई, जाति प्रमाण पत्र, अप्राप्त छात्रवृत्ती, आधार जन्म प्रमाण पत्र व दाखिले पंजी की जानकारी में अंतर, विघार्थियों के द्वारा मोबाईल मोटर सायकल उपयोग, बच्चों की वेशभूषा, हेयर स्टाईल, भाषा शैली, पाठन-लेखन कौशल की कमी, बच्चों के पूरे समय स्कूल में नहीं रहने सहित सभी ज्वलंत समस्याओं पर पालकों एवं शिक्षकां ने सफल चर्चा किया।
पालक व समिति के सदस्य अमित राव ने कहा कि यह विघालय उत्कृष्ट है, कारण कि प्रतिवर्ष बोर्ड परीक्षाओं में शानदार परिणाम आता है। शिक्षक पूरी जिम्मेंदारी के साथ कार्य कर रहे है। पालकों को भी अपने बच्चों के लिए समय निकालना चाहिए। वकील अजय साहू ने बताया कि इसी स्कूल में पढ़कर बहुत से लोग डाक्टर इंजीनियर, वकील, शिक्षक, रेलवे व एसी. सी. एल. कर्मचारी, व्यवसायी और नेता बने हैं । स्कूल के शिक्षक हमेंशा बेहतर शिक्षा के लिए ही काम करते हैं। पालको व जनप्रतिनिधियों की ये जिम्मेंदारी है कि विद्यालय के समुचित विकास के लिए आगे आकर कार्य करें।
पालक व फार्मसिस्ट चन्द्रप्रकाश साहू ने पालको से अपील किया कि बच्चों को उनके उम्र के हिसाब से सुविधा दें। मोबाईल से दूर रखें। उन्हें मोटरसायकल न दें। क्षमा पांडेय ने शिक्षकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्कूल में बच्चों की अच्छी पढ़ाई हो रही है। घर में भी हमें बच्चों की निगरानी करनी होगी। मोहन श्रीवास ने शाला में अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए कहा।

संकुल समन्वयक ओमप्रकाश वर्मा ने बताया कि शिक्षकों को अध्यापन के अलावा शासन के निर्देश पर और भी कई कार्य करने पड़ते हैं। जाति प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, बच्चों का स्वास्थ्य जाँच कराना, विभिन्न सर्वे, बच्चों व विद्यालयों की आनलाईन जानकारी भेजना, बच्चों के काउंसलिंग कार्य, उपरचारात्मक शिक्षा जैसे कई कार्य हैं जो हम करते हैं।
बैठक में सरपंच धनित्तर सूर्यवंशी ने कहा कि जर्जर भवन, फ्लोर, दरवाजा खिड़की के मरम्मत के लिए इंजीनियर बुलाकर प्राक्कलन तैयार किया जाएगा। उच्च कार्यालय से बजट लेकर सुधार कार्य कराएंगे। स्कूल की छोटी समस्याओं को जो उनके ध्यान में आएगा दूर किया जाएगा।
अध्यक्ष सुरेन्द्र पांडेय ने बैठक में पालकों कहा कि आप सब वंदनीय हैं। आपको बच्चों की चिंता है, इसिलिए बैठक में आए हैं। जो विघार्थी राह से भटक रहे हैं, उन्हें साथ मिलकर सही रास्ते पर लाना है। बच्चों की संगत, दिनचर्या और घर में पढाई का अवलोकन करें। बीच बीच में स्कूल जाकर शिक्षकों से मिले व बच्चों की पढ़ाई की जानकारी लेंवे।
प्राचार्य अनिल वर्मा ने अध्यक्षीय संबोधन में मेगा बैठक में उपस्थित समस्त पालकों, अभिभवकों का स्वागत करते हुए कहा कि आगामी बैठक में ये संख्या और भी बढ़नी चाहिए। बच्चे वे फसल है, जो ठीक से तैयार हो गए तो पालक जिंदगी भर सुखी संपन्न रहता है। पालक सजग रहें। घर में पढ़ाई का वातावरण बनाए। बच्चों के साथ बैठे। प्राचार्य ने आगे बताया कि स्कूल के कई कमरों की छत जर्जर है। पानी का रिसाव हो रहा है। वहीं छोटे बच्चों की कक्षाओं के रास्ते व पूरे मैंदान में बरसात का पानी भर जाता है। छठवी से आठवीं के बच्चों की संख्या अधिक होने व कक्षा का आकार छोटा होने से बैठने की भी समस्या है। ऐसे में जब तक स्कूल का मरम्मत, कक्षा की उचित व्यवस्था, मैंदान में समतलीकरण व पानी निकासी की समस्या दूर नहीं हो जाती शाला का संचालन दो पालियों में किया जाए ये प्रस्ताव उनके द्वारा रखा गया। इस प्रस्ताव को प्रबंधन समिति, जनप्रतिनिधियों सहित उपस्थित सभी पालकों ने सर्व सम्मति से पारित किया। बैठक का संचालन व्याख्याता सीमा ठाकुर ने किया। अंत में आभार प्रदर्शन व्याख्याता पद्मा द्विवेदी ने किया।
