
चुनाव आयोग चाहे कितना भी प्रयास करे बीएलओ की मनमानी तो आम
बिलासपुर, 11 फरवरी,campussamachar.com, मतदाता को भुगतनी पड़ रही हैं। आज कोल इंडिया कार्यालय भवन कुदुदंड कक्ष क्र 1 में जे पी हाईट्स शुभमविहार निवासी ललित अग्रवाल अपने पूरे परिवार के साथ मतदान करने गए तो तीन घँटे तक हर संभव खोजबीन करने पर ज्ञात हुआ कि उनकी धर्मपत्नी निशा अग्रवाल RPG0199794 का नाम सूची में नहीं हैं। जबकि विगत लोकसभा, विधानसभा, नगरनिगम के प्रत्येक चुनाव में इसी केंद्र की मतदाता सूची में उनका नाम रहता हैं। केंद्र में बैठे बीएलओ, पीठासीन अधिकारी, सेक्टर अधिकारी, जोन कमिश्नर यह बताने में असमर्थ थे कि मतदाता का नाम कौन और कैसे गायब किया हैं। वहाँ स्थित अनेकों मतदाताओं ने बताया कि उनके परिवार के सदस्यों का नाम भी अलग अलग वार्डो में परिवर्तित कर दिया गया हैं।

बीएलओ की लापरवाही के कारण अनेकों मतदाता मतदान करने से वंचित रह जाते हैं। संभवत यहीं कारण है कि आमजनता अपना कीमती समय बर्बाद करने के बाद बैरंग वापस आने के बजाय मतदान करने ही नही जाते है। प्रश्न यह उठता हैं कि क्या बीएलओ इतना पावरफुल हैं कि वह मतदाताओं का नाम विलोपित कर निष्पक्ष चुनाव प्रकिया में बाधा पहुँचाने का अधिकार रखता हैं। माननीय मुख्य निर्वाचन अधिकारी को इस दिशा में ध्यान देने की जरूरत हैं।
