

- महिलाओं व युवतियों के साथ गणगौर के राजस्थानी गीत गाते हुए मोहल्ला भृमण करवा कर परंपरा का निर्वहन किया गया।
बिलासपुर , 23 मार्च , campussamachar.com, राजस्थान के सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार गणगौर में परिवारों की नवविवाहित बेटियों व बहुओं द्वारा अपने पति की लंबी आयु हेतु तथा कुँवारी कन्याओं द्वारा अच्छे पति कामना से होलिका के बिटकोले की राख व गोबर से तैयार पिंडी स्वरूप तथा शीतला सप्तमी के दिन कुम्हार के घर से मिट्टी लाकर बनाई गई पांच मूर्तियां की 17 दिनों की विधिवत पूजा अर्चना की जाती हैं।

प्रतिदिन गोर ए गणगौर माता खोल किँवाडी.. तथा म्हारी गोर तिसाई ओ राज… के गीतों के साथ विधिवत पूजन किया जाता है। सुमंगल अपार्टमेंट निवासी राजेश व सरिता अग्रवाल के निवास पर श्रीमती खुशबू मनीष बंसल द्वारा आज गणगौर का बनोरी निकाली गई। इसमे श्रीमती निशा अग्रवाल, सविता विनोद अग्रवाल, सरिता राजेश अग्रवाल, मोनिका निलेश अग्रवाल, श्रीमती हनी मयंक सहित बड़ी सँख्या में उपस्थित महिलाओं व युवतियों के साथ गणगौर के राजस्थानी गीत गाते हुए मोहल्ला भृमण करवा कर परंपरा का निर्वहन किया गया।
