

- इस अवसर पर मुक्तकंठ साहित्य समिति के कोषाध्यक्ष व बांग्ला तथा हिंदी के कवि श्री प्रकाश चन्द्र मंडल के जन्मदिन के उपलक्ष्य पर प्रकाश चन्द्र ने केक काटे।
भिलाई , 4 अगस्त campussamachar.com, . मुक्तकंठ साहित्य समिति के तत्वावधान में मुक्तकंठ साहित्य समिति द्वारा प्रकाशित मासिक साहित्यिक बुलेटिन का अगस्त अंक का लोकार्पण एवं काव्य गोष्ठी का कार्यक्रम आज 4 अगस्त को गोविंद पाल जी के निवास न्यू रुआबांधा सेक्टर में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुक्तकंठ साहित्य समिति के मुख्य संरक्षक, कवि साहित्यकार व पुलिस अधीक्षक (सीआई डी) नरेंद्र कुमार सिक्केवाल जी रहें। अध्यक्षता मुक्तकंठ साहित्य समिति के अध्यक्ष व अंतर्राष्ट्रीय साहित्यकार गोविंद पाल ने किया की .
विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार तथा प्रधान संपादक श्री रजनीकांत श्रीवास्तव जी उपस्थित रहे । विशेष अतिथि के रूप में रायपुर से पधारी हिन्दी व बांग्ला के कवियत्री रुनाली चक्रवर्ती उपस्थित रही। कार्यक्रम के प्रथम सत्र का संचालन मुक्तकंठ साहित्य समिति के महासचिव व वरिष्ठ अधिवक्ता श्री ओमप्रकाश शर्मा ने किया, एवं द्वितीय सत्र का संचालन संयुक्त रूप से मुक्तकंठ साहित्य समिति के उपाध्यक्ष डॉ बीना सिंह ‘रागी’ एवं मुक्तकंठ साहित्य समिति के उपसचिव सी. ए. भूषण चिपड़े ने किया। सर्वप्रथम अतिथियों ने मां सरस्वती के मूर्ति पर माल्यार्पण व धूप-दीप प्रज्वलित कर पूजा अर्चना की। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत स्वागत किया गया। मुक्तकंठ साहित्य समिति द्वारा मासिक साहित्यिक बुलेटिन अगस्त अंक का लोकार्पण मुक्तकंठ साहित्य समिति के पूर्व प्रधान संपादक दुलाल समाद्दार ने अतिथियों के हाथों लोकार्पण करवाया एवं उपस्थित सभी साहित्यकारों को मुक्तकंठ बुलेटिन वितरण किया गया।
इस अवसर पर मुक्तकंठ साहित्य समिति के कोषाध्यक्ष व बांग्ला तथा हिंदी के कवि श्री प्रकाश चन्द्र मंडल के जन्मदिन के उपलक्ष्य पर प्रकाश चन्द्र ने केक काटे। इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष गोविंद पाल एवं वासुदेव भट्टाचार्य ने गुलदस्ता और श्रीफल भेंट कर जन्म दिन की वधाई व शुभकामनाएं दी । मुक्तकंठ साहित्य समिति के संरक्षक ब्रजेश मल्लिक ने प्रकाश चन्द्र को केक व मिठाई खिलाकर वधाई दिये। साथ ही साथ उपस्थित अन्य साहित्यकारों ने भी प्रकाश चन्द्र के जन्मदिन पर वधाईयां दी।
इसके पश्चात उपस्थित रचनाकारों एक से एक बेहतरीन रचनाओं का पाठ किया।

स्मृति दत्ता, प्रकाश चन्द्र मंडल, सोमाली शर्मा आदि ने अपनी बांग्ला स्वरचित कविता पाठ किए, इसके अलावा विशेष अतिथि रुनाली चक्रवर्ती ने भी बांग्ला में बहुत ही लोकप्रिय व चर्चित कविता आवृति बहुत ही सुंदर ढंग से सुनाईं। तत्पश्चात प्रमुख रूप से काव्य पाठ करने वालों में दुलाल समाद्दार, डॉ बीना सिंह ‘रागी’, नावेद रजा दुर्गवी, वीरेंद्र नाथ सरकार, ओमप्रकाश जायसवाल, वासुदेव भट्टाचार्य, नुरूस सबा खान, हाजी रियाज़ खान, अलोक कुमार चंदा, डॉ नरेंद्र देवांगन, डॉक्टर नौशाद सिद्दिकी, ओमवीर करण, दशरथ सिंह भुवाल, विटेश्वर नाथ, सत्यवती शुक्ला, नब्बनीर हंस, सोनिया सोनी, नीलम जायसवाल, रजनीकांत श्रीवास्तव, नरेंद्र कुमार सिक्केवाल एवं गोविंद पाल इत्यादि सभी ने अपनी अपनी प्रतिनिधि रचना का पाठ किए।
इसके अलावा मुक्तकंठ साहित्य समिति के सदस्य व साहित्य प्रेमियों में बाबुल सरकार, रवीन्द्र नाथ देबनाथ, एस बी सिंह आदि उपस्थित होकर कविताओं का आनंद उठाये । गोविंद पाल ने सबको धन्यवाद और आभार व्यक्त किए, अंत में राष्ट्र गीत गाकर कार्यक्रम का समापन किया गया ।
