

- महामना मालवीय मिशन अध्यक्ष (अवध)संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने बताया कि महाराजा सुहेलदेव जन्मोत्सव आयोजन में स्थानीय जनमानस के अलावा समूचे अवध क्षेत्र से महाराजा के जीवन को आत्मसात करने वाले सनातन धर्मियो को भी आमंत्रित किया जा रहा है।
बहराईच, 18 जनवरी ,campussamachar.com, चक्रवर्ती सम्राट महाराजा सुहेलदेव जन्म शताब्दी समारोह आयोजन के संबंध में आज चित्तौरा झील स्थित महाराजा सुहेलदेव स्मारक स्थल पर बैठक का आयोजन किया गया । समिति की ओर से महाराजा सुहेलदेव के विजयी यशोगान को जन जन तक पहुचाने का सामूहिक संकल्प भी लिया गया।
महाराजा सुहेलदेव जन्मोत्सव समिति अध्यक्ष यशवेंद्र विक्रम सिंह (राजा भैय्या ) ने बताया कि महाराजा सुहेलदेव भारत के गौरवशाली चक्रवर्ती सम्राट थे जिन्होंने मध्य काल मे अपने पराक्रम से तत्कालीन मुस्लिम आक्रांता एवं लूटेरे सनातन धर्म का मान मर्दन करने वाले सैयद सालार मसूद गाज़ी को उसके लाखो की सेना समेत चित्तौरा झील तट पर मार गिराया था जिनके अस्थिपंजर बहराईच की धरती पर अभी भी यत्र तत्र बिखरे पड़े हैं । सुहेलदेव स्मारक समिति उपाध्यक्ष चित्तौरा राजा भैय्या ने बताया कि आगामी 2 फरवरी (बसंत पंचमी) के पुण्य अवसर पर सुहेलदेव स्मारक चित्तौरा परिसर में महाराजा का जन्म जयंती महोत्सव भव्यता के साथ मनाया जाएगा।महामना मालवीय मिशन अध्यक्ष (अवध)संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने बताया कि महाराजा सुहेलदेव जन्मोत्सव आयोजन में स्थानीय जनमानस के अलावा समूचे अवध क्षेत्र से महाराजा के जीवन को आत्मसात करने वाले सनातन धर्मियो को भी आमंत्रित किया जा रहा है।

रूल ऑफ लॉ सोसाइटी अवध संयोजक सोमेश वर्धन सिंह एडवोकेट ने बताया कि महाराजा के विजयीगाथा को जन जन तक पहुचाने व उनके शौर्य को महिमामंडित करने के लिए वीर रस के ख्यातिलब्ध साहित्यकारो को भी आमंत्रित किया जाएगा । सँविधान विशेषज्ञ डॉ चेत नारायण सिंह ने बताया कि महाराजा के शौर्य गाथा को साहित्य से जोड़ने के लिए पत्र पत्रिकाओं में जीवनवृत्त को रेखांकित किया जाएगा ।
बैठक में प्रमुख रूप से पर्यावरणविद अखिलेश श्रीवास्तव, समाजसेवी अनिल पटेल, समाजसेवी नीतीश श्रीवास्तव ,कानूनविद बाल केश्वर श्रीवास्तव , प्रवक्ता डॉ पंकज श्रीवास्तव व विवेक सक्सेना,कानूनविद अनिल त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।समापन अवसर पर महाराजा सुहेलदेव के विजयी शौर्य गाथा को आम जन तक पहुचाने के लिए सामूहिक संकल्प भी लिया गया।
