

बहराइच, 19 मई , campussamachar.com, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान (सम्बद्ध संस्कृति विभाग उत्तरप्रदेश) के तत्वावधान में आज बाल शिक्षा निकेतन कॉलेज सभागार में “भगवान बुद्ध जीवन दर्शन” से सम्बंधित कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले शिक्षार्थी , शिक्षक व प्राचार्यो का सम्मान समारोह तथा नैतिक शिक्षा विषयक पर विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। प्रतिभाग करने वाले शिक्षार्थी , शिक्षक व शिक्षाविदों को संस्कृति विभाग की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
संस्कृति विभाग – सम्बद्ध अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रतिनिधि नगर पालिका परिषद बहराइच श्याम करन टेकड़ीवाल ने कहा कि , शांति , सौहार्द , करुणा को आत्मसात कर ही हम सम्पूर्ण विश्व मे शांति व स्थायित्व ला सकते हैं बिना शांति एवं स्थायित्व के हम सभ्य एवं विकसित नही हो सकते हैं। उन्होंने आवाहन किया कि विद्यार्थियों में नैतिक शिक्षा अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाना चाहिए ताकि विद्यार्थी समाज एवं देश को मजबूत , स्थाई एवं विकसित बना सकें।
आयोजक प्रबंधक महासभा जिला अध्यक्ष संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने बताया कि , अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान की ओर से जनपद के महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थानों में बौद्ध धर्म से सम्बंधित विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया था जिसमे महात्मा बुद्ध के बताए गए पंचशील सिद्धांतों को आत्मसात कर नशामुक्त सभ्य समाज बनाए जाने हेतु जन जागरण अभियान चलाए जाने के लिए शिक्षक , शिक्षार्थी एवं शिक्षाविदों ने सामूहिक संकल्प लिया है।

मुख्य वक्ता जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार अहिरवार ने बौद्ध धर्म से संबंधित कार्यशाला आयोजन के लिए आयोजकों को साधुवाद दिया तथा जनपद के समस्त विद्यालयों में कार्यशाला आयोजन हेतु सुझाव दिया। कार्यक्रम का संचालन वित्तविहीन शिक्षक संघ अध्यक्ष रमेश चन्द्र तिवारी तथा धन्यवाद ज्ञापन संगठन प्रवक्ता डॉ० पंकज श्रीवास्तव ने दिया।
कार्यशाला आयोजन में विशेष सहभाग के लिए गायत्री इंटर कॉलेज रिसिया प्राचार्या रीति निगम , बाल शिक्षा निकेतन प्राचार्या अर्चना मराठे , मोंटेसरी कॉलेज प्राचार्या दिलशाद बानो , बाबा आर बी सिंह इंटर कॉलेज प्राचार्य अजय सिंह , सविधान विशेषज्ञ अनिल त्रिपाठी मानस इंटर कॉलेज प्राचार्य को महात्मा बुद्ध की मूर्ति देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद पूर्व प्राचार्य श्रीनाथ शुक्ल ने किया। समापन अवसर पर नशामुक्त समाज बनाए जाने का सामूहिक संकल्प भी लिया गया।
