
- बौद्ध धर्माचार्य भंते विमल टिस ने भगवान बुद्ध के बताए गए पंचशील सिद्धांत को ग्रहण कर अपने आत्मबल को विकसित करने का आवाहन किया।
- विशिष्ट अतिथि समाजसेवी यशवेंद्र विक्रम सिंह ने भगवान बुद्ध के विचारों से जन जन को जोड़कर देश मे सुख समृद्धि एवं स्थायित्व लाने का आवाहन किया।
बहराइच/ लखनऊ, 10 मई , campus samachar.com, विश्व बौद्ध शोध संस्थान – संस्कृति विभाग उत्तरप्रदेश के तत्वावधान में नगर क्षेत्र स्थित मांटेसरी कॉलेज (मेवातीपुरा) में बौद्ध जीवन दर्शन एवं वर्तमान में “बौद्ध विचारों की प्रासंगिकता” विषयक परिचर्चा का आयोजन किया गया। नगर क्षेत्र स्थित इंटर कॉलेज में विद्यार्थी , शिक्षक , प्राचार्य , समाजिक संगठन से जुड़े प्रतिनिधि , शिक्षाविद , कानूनविद , पर्यावरण विद व समाजसेवियों ने आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता कर भगवान बुद्ध के बताए गए विचारों को आत्मसात कर पंचशील सिद्धान्तों को ग्रहण करते हुए समाज एवं राष्ट्र को मजबूत बनाने का सामूहिक संकल्प भी लिया।
अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान – संस्कृति विभाग उत्तरप्रदेश की ओर से आयोजित भगवान बुद्ध जीवन दर्शन विषयक पर बोलते हुए मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी पूजा चौधरी कहा कि , भगवान बुद्ध ने अहिंसा एवं परोपकार का प्रभावी संदेश पूरे विश्व को दिया जिनके विचारों पर चलकर हम शांति एवं समृद्धि स्थाई रूप से ला सकते हैं। उपस्थित विद्यार्थी , शिक्षक , प्राचार्य व अभिभावकों का आवाहन करते हुए उन्होंने कहा कि , मेहनत एवं एकाग्रता से शिक्षा ग्रहण कर हम प्रशस्ति के पथ पर अग्रसर हो सकते हैं।
बौद्ध धर्माचार्य भंते विमल टिस ने भगवान बुद्ध के बताए गए पंचशील सिद्धांत को ग्रहण कर अपने आत्मबल को विकसित करने का आवाहन किया। विशिष्ट अतिथि समाजसेवी यशवेंद्र विक्रम सिंह ने भगवान बुद्ध के विचारों से जन जन को जोड़कर देश मे सुख समृद्धि एवं स्थायित्व लाने का आवाहन किया।
आयोजक महामना मालवीय मिशन अध्यक्ष (अवध क्षेत्र) संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट ने बताया की , मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश के निर्देश पर महात्मा बुद्ध के विचारों से शिक्षक एवं शिक्षार्थियों को जोड़ने के लिए नगर क्षेत्र में स्थित विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों में परिचर्चा आयोजित कर बौद्ध दर्शन से जुड़े विद्वानों द्वारा पंचशील सिद्धान्तों की व्याख्या की गई तथा विद्यालयों में महात्मा बुद्ध जीवन दर्शन विषयक पर चर्चा परिचर्चा , निबन्ध लेखन व चित्र प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रबंधक (मांटेसरी कॉलेज) आर०पी०एन श्रीवास्तव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य इरशाद बानो ने किया तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता पीठाधीश्वर हनुमंत आश्रम नगरौर विष्णु देवाचार्य जी महाराज ने किया।

आयोजित कार्यक्रम में प्रमुख रूप से साहित्यकार रमेश चन्द्र तिवारी , प्रमोद सिंह चौहान एडवोकेट , अमित वर्मा नवोदयन , समाजसेवी डॉ० अनीता जायसवाल , प्राचार्य रीति मुरारी श्रीवास्तव , सविधान विशेषज्ञ अनिल त्रिपाठी , विहिप विधि प्रकोष्ठ अध्यक्ष अजीत सिंह , महामंत्री आलोक शुक्ल , समाजसेवी राधेश्याम श्रीवास्तव , प्राचार्य तारा महिला विद्यालय पूनम पाठक , विद्यालय कर्मचारी संघ अध्यक्ष राजेश मिश्रा , पर्यावरण डॉ० पंकज श्रीवास्तव , शेर बहादुर सिंह एडवोकेट , भंते प्रदीप , संघ विचारक दिनेश सिंह , शिक्षाविद वीरेंद्र श्रीवास्तव वीरू समेत सैकड़ों शिक्षक , शिक्षार्थी व अभिभावक उपस्थित रहे।

समापन अवसर पर ख्यातिलब्ध बौद्ध ध्यान साधक बाबू राम यादव द्वार उपस्थित लोगों को विपश्यना के सम्बंध में जानकारी देकर योग , ध्यान , साधना करवाया गया तथा उपस्थित लोगों ने महात्मा बुद्ध के बताए गए पंचशील सिद्धांतों पर चलने का सामुहिक संकल्प भी लिया ।
