

- मासोत्सव के समापन दिवस दिनांक 29 अगस्त 2025 को ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अजय तनेजा , विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ विजय कुमार कर्ण (DSW नव नालन्दा महाविहार, नालन्दा), उपस्थित रहे।
- इस कार्यक्रम की अध्यक्षता बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के कुलपति प्रो राजकुमार मित्तल जी ने की .
- बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ में विश्व संस्कृत मासोत्सव 2025 का आयोजन
लखनऊ, 30 अगस्त , बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ ( Babasaheb Bhimrao Ambedkar University lucknow ) के संस्कृत एवं वैदिक अध्ययन विभाग द्वारा इस माह विश्व संस्कृत मासोत्सव 2025 का भव्य आयोजन हुआ। इस मासोत्सव का शुभारंभ 08 अगस्त 2025 को विभागीय वाग्वर्धिनी व्याख्यान-श्रृंखला से हुआ, जिसमें प्रो. अशोक गौड़ चंद्र शास्त्री ने महाभाष्य पर व्याख्यान दिया। इसके उपरांत प्रतिदिन किसी न किसी रूप में संस्कृत एवं भारतीय ज्ञान परंपरा से संबंधित कार्यक्रम सतत् आयोजित होते रहे।
25 अगस्त 2025 : मासोत्सव के अंतिम चरण का प्रारंभ भारतीय ज्ञान परंपरा विषयक क्विज प्रतियोगिता, तीन दिवसीय व्यवहारिक संस्कृत प्रशिक्षण एवं श्लोक उच्चारण प्रतियोगिता से हुआ। इस अवसर पर संस्कृत एवं इंडिक स्टडीज संकाय के डीन प्रो. रामपाल गंगवार, विभागाध्यक्ष प्रो. रिपु सूदन सिंह एवं मुख्य अतिथि प्रो. राजशरण शाही (राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद), विशिष्ट अतिथि डॉ आलोक द्विवेदी ने उपस्थित होकर मार्गदर्शन प्रदान किया। अपने उद्बोधन में प्रो. गंगवार ने संस्कृत को भारतीय संस्कृति का रक्षक बताते हुए इसके पुनर्स्थापन की आवश्यकता पर बल दिया। विभागाध्यक्ष प्रो. रिपु सूदन सिंह ने संस्कृत एवं अन्य भाषाओं में निहित समानता को रेखांकित किया। प्रशिक्षण-सत्र का संचालन डॉ. बिपिन कुमार झा द्वारा किया गया। प्रारंभ में विभागीय छात्रों ने वैदिक एवं लौकिक मंगलाचरण प्रस्तुत कर कार्यक्रम की मंगलमय भूमिका बाँधी।

26 अगस्त 2025 : दिन मंगलवार को डॉ. रमेशचंद्र नैलवाल ने अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया। इसी दिन आयोजित श्लोक उच्चारण प्रतियोगिता एवं भारतीय ज्ञान परंपरा क्विज में देश-विदेश के अनेक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
27 अगस्त 2025: इस दिन उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान से आमंत्रित विदुषी सुश्री सरिता ने छात्रों को व्यावहारिक संस्कृत प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण में संभाषण-शैली, वस्तु-परिचय, सप्त-ककार एवं दश-दिशाओं के विषय में विशेष अभ्यास कराया गया।

28 अगस्त 2025 : मासोत्सव के अंतर्गत महाभारत के प्रथम नवाह्निक पर आधारित राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित हुई। इसमें मुख्य अतिथि श्री वीरेंद्र जी, विशिष्ट अतिथि प्रो. धर्मेंद्र झा, आमंत्रित वक्त्री सुधा श्रीवास्तव सहित अनेक विद्वान एवं शोधार्थी उपस्थित हुए।
29 अगस्त 2025 : मासोत्सव के समापन दिवस दिनांक 29 अगस्त 2025 को ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय ( Khwaja Moinuddin Chishti Language University ) के कुलपति प्रो अजय तनेजा , विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ विजय कुमार कर्ण DSW नव नालन्दा महाविहार, नालन्दा ( Prof.Vijay kumar karn, Nav Nalanda Vihar ) उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के कुलपति प्रो राजकुमार मित्तल जी ने भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं इन सबके उत्थान के लिए मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर संस्कृत एवं इंडिक स्टडीज संकाय के डीन प्रो. रामपाल गंगवार की महनीय उपस्थिति रही। अंत में विश्वकल्याण की कामना करते हुए सामूहिक शांति मंत्र के साथ विश्व संस्कृत मासोत्सव कुशलता पूर्वक संपन्न हुआ ।

इस अवसर पर आयोजित IKS क्विज, तथा श्लोकोच्चारण में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों एवं आचार्यों ने बढचढकर भाग लिया।
मासोत्सव कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो रिपुसूदनसिंह, संयोजन डा बिपिन कुमार झा, सह संयोजन डा रमेशचन्द्र नैलवाल, विभागीय कार्यालय कर्मी श्री अमित कश्यप छात्र संयोजक श्री विश्वेश्वर पाण्डेय सहित पूजा, प्रीती, शिवांगी, नेहा, ज्योती, संतोषकुमारी, अमन अनन्त, पीयूष, उत्कर्ष अरुणेश एवं शिवांसु की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के आचार्य एवं छात्र भी समुपस्थित रहे।

इस मासोत्सव का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों एवं संस्कृतप्रेमियों में भाषा एवं साहित्य के प्रति रुचि जागृत करना, भारतीय ज्ञान परंपरा की गहन समझ विकसित करना, एवं व्यावहारिक संस्कृत-प्रशिक्षण द्वारा व्यवहारिक दक्षता का संवर्धन करना रहा।
