

- सामाजिक अनुभूति एक महत्वपूर्ण पहलू है जो हमें अपने समाज में रहने और दूसरों के साथ बातचीत करने में मदद करती है।
लखनऊ , 12 मई , campussamachar.com, अभाविप लखनऊ महानगर ( Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad) के द्वारा युवाओं में सामाजिक संवेदना जागृत करने हेतु चलाए जा रहे अभियान ‘सामाजिक अनुभूति’ के निमित्त अभाविप लखनऊ उत्तर जिले के कार्यकर्ता गांवों में जाकर ग्राम्य जीवन का प्रत्यक्ष अनुभव कर रहे हैं।
सामाजिक अनुभूति एक महत्वपूर्ण पहलू है जो हमें अपने समाज में रहने और दूसरों के साथ बातचीत करने में मदद करती है। यह हमें दूसरों की भावनाओं, विचारों और अनुभवों को समझने और उनके साथ सहानुभूति रखने में सक्षम बनाती है।

दूसरों की भावनाओं और अनुभवों को समझना और उनके साथ सहानुभूति रखना, दूसरों के साथ प्रभावी ढंग से संवाद करना और उनकी बातों को समझना, दूसरों के विचारों और दृष्टिकोणों को समझना और उनके साथ सहमत होना या असहमत होना। समाज में होने वाली विभिन्न समस्याओं और मुद्दों के बारे में जागरूक होना और उनके समाधान में योगदान करना। सामाजिक अनुभूति हमें दूसरों के साथ बेहतर संबंध बनाने में मदद करती है। यह हमें दूसरों की भावनाओं और अनुभवों को समझने और उनके साथ सहानुभूति रखने में सक्षम बनाती है। सामाजिक अनुभूति हमें समाज में होने वाली विभिन्न समस्याओं का समाधान करने में मदद करती है।
इसलिए, सामाजिक अनुभूति एक महत्वपूर्ण पहलू है जो हमें अपने समाज में रहने और दूसरों के साथ बातचीत करने में मदद करती है। यह जानकारी अमन सिंह चंदेल छात्र नेता लखनऊ विश्वविद्यालय जिला संयोजक लखनऊ उत्तर ABVP ने दी है .
