
इस मौके पर आप यूपी प्रदेश महासचिव दिनेश सिंह पटेल ने कहा कि आम आदमी पार्टी, भाजपा सरकार द्वारा 27000 स्कूलों को बंद करने के इस कुचक्र के खिलाफ पहले दिन से आवाज उठाने का काम कर रही है।
लखनऊ, 05 जुलाई,campus samachar.com, आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश ( Aam Aadmi Party Uttar Pradesh ) के मुख्य प्रवक्ता वंशराज दुबे ने आज प्रदेश कार्यालय पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में कहा कि सरकार तर्क दे रही है कि बंद किए जा रहे स्कूलों में छात्र संख्या 50 से कम है। यानी सरकार स्वयं मान रही है कि उसके शासनकाल में स्कूलों की इस कदर दुर्दशा हो गई है कि वहां छात्रों की संख्या 50 से कम हो गई है, इसलिए उन स्कूलों को बंद किया जा रहा है।
Aam Aadmi Party Uttar Pradesh : वंशराज दुबे ने कहा कि RTE और आर्टिकल 21A के अनुसार देश के 6 से 14 साल के हर एक बच्चे को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा पाने का अधिकार है, फिर वह बच्चा चाहे गरीब, शोषित, वंचित या पिछड़े वर्ग से आता हो, साथ ही बच्चे को अपने घर से 1 किलोमीटर के दायरे में शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। लेकिन सवाल है कि आखिर जनता क्यों नहीं जानना चाहती की इन स्कूलों में बच्चों की संख्या 50 से कम क्यों हुई? उन्होंने कहा कि दरअसल बंद किए जा रहे सभी 27000 स्कूल दलित बस्तियों के, अल्पसंख्यक समाज से आने वाले गांव के हैं और पिछड़ी जातियों के समाज से जुड़े हुए गांव के है, जहां के बूथों से भाजपा पिछले चुनाव में बड़ी संख्या में हारी थी।
मुख्य प्रदेश प्रवक्ता वंश राज दुबे ने कहा कि हर अभिभावक चाहता है कि उसका बच्चा 3 साल की उम्र से पढ़ना लिखना सीखने लगे, लेकिन सरकार की नई शिक्षा नीति में 6 साल से कम उम्र का बच्चा प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों का ड्रॉप आउट रेशियो कम होने का एक कारण यह भी है।
इस मौके पर आप ( Aam Aadmi Party Uttar Pradesh ) यूपी प्रदेश महासचिव दिनेश सिंह पटेल ने कहा कि आम आदमी पार्टी, भाजपा सरकार द्वारा 27000 स्कूलों को बंद करने के इस कुचक्र के खिलाफ पहले दिन से आवाज उठाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की मंशा गरीब के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने की है, जबकि आम आदमी पार्टी ( Aam Aadmi Party Uttar Pradesh ) की राजनीति का केंद्र बिंदु ही स्कूल है। इस मौके पर अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने कहा की भाजपा और योगी सरकार स्कूलों को बंद करके एक तीर से दो निशाने लगाने की कोशिश कर रही है।
अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने सरकार से सवाल किया कि बंद होने वाले स्कूलों में शिक्षा दे रहे शिक्षामित्र, आंगनवाड़ी, आशा बहुओं, रसोइए और अन्य कर्मचारियों का भविष्य का क्या होगा? आखिर इन लोगों की रोज़ी रोटी की जिम्मेदारी कौन लेगा?
