Aaj Ka Panchang 18 June 2025 : आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि के साथ बुधवार का दिन है। पंचांग के अनुसार, सप्तमी तिथि दोपहर 1 बजकर 35 मिनट तक रहने वाली है। इसके बाद अष्टमी तिथि आरंभ हो जाएगी। इसके साथ ही आज पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के साथ प्रीति, आयुष्मान योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही आज कालाष्टमी का व्रत रखा जा रहा है। आज के दिन भगवान शिव के अवतार काल भैरव की पूजा करने का विधान है। इसकी निमित्त पूजा करने से हर दुख-दर्द से निजात मिल जाती है।
Aaj Ka Panchang 18 June 2025: आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि के साथ बुधवार का दिन है। पंचांग के अनुसार, सप्तमी तिथि दोपहर 1 बजकर 35 मिनट तक रहने वाली है। इसके बाद अष्टमी तिथि आरंभ हो जाएगी। इसके साथ ही आज पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के साथ प्रीति, आयुष्मान योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही आज कालाष्टमी का व्रत रखा जा रहा है। आज के दिन भगवान शिव के अवतार काल भैरव की पूजा करने का विधान है। इसकी निमित्त पूजा करने से हर दुख-दर्द से निजात मिल जाती है।
आज तिथि ५१२७/ ०३-०२-०७/ ०४ युगाब्द ५१२७/ ज्येष्ठ (पूर्णिमांत आषाढ़) कृष्ण सप्तमी, बुधवार “बसुमती स्नान” शुभ व मंगलमय हो…
अंको में आज की तिथि
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(„• ֊ •„)♡
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♡🔆 5127/03/02/07/04 ♡
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युगाब्द (कलियुग) – 5127
#ज्येष्ठ – तीसरा महीना
कृष्ण – द्वितीय पक्ष
तिथि – सप्तमी ( 07 वीं )
वार/दिन- बुधवार( 4 था वार/दिन )
#पूर्णिमांत आषाढ़
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●▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬●
एक शीश का मानवा,
करता बहुतक हीश ।
लंकापति रावन गया,
बीस भुजा दस शीश ।।
✍ इस संसार/पृथ्वी में मनुष्य ही ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना है, हम जानते हैं ।
✍ मनुष्य/हम इसी अहंकार एवं घमण्ड में ही मस्त रहते है कि वह/हम सब कुछ करने में सक्षम है ।
✍ वह/हम इस शरीर का सदुपयोग करने की बजाए दुरुपयोग करने में ही लगे रहते है ।
✍ हम यह भी नहीं समझना चाहते है कि बीस हाथ और दस सिर का लंकापति रावण भी इस दुनिया से चला गया तो हमारी क्या बिसात है ।
✍️ दुख/तकलीफ/बीमारी आने पर हमारी स्थिति चूहेदानी में फंसे चूहे से भी बदतर हो जाती है यानि सब ओर निराशा दिखने लग जाती है ।
आज तिथि ५१२७/ ०३-०२-०७/ ०४ युगाब्द ५१२७/ ज्येष्ठ (पूर्णिमांत आषाढ़) कृष्ण सप्तमी, बुधवार “बसुमती स्नान” की पावन मंगल बेला में, क्षणभंगुर जीवन पर कोई अहम न पालने के संकल्प के साथ, नित्य की भाँति, आपको मेरा “राम-राम” ।
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व्यस्त रहेंगे -तो मस्त रहेंगे
मस्त रहेंगे -तो स्वस्थ रहेंगे
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- प्रस्तुति : ललित अग्रवाल
