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छत्तीसगढ़ प्रधानपाठक कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष सीके महिलांगे ये है तीखे सवाल-
- प्राथमिक शालाओं में क्या 1 प्रधान पाठक और 5 कक्षाओं के लिए 5 शिक्षक पदस्थ हैं
- क्या छात्र अनुपात में शिक्षक पदस्थ हैं?
- क्या शिक्षकों से केवल और केवल अध्यापन कार्य ही कराया जा रहा है ?
- राजस्व/जनपद/ अध्यापन के अतिरिक्त कार्य क्यों कराया जा रहा है?
- शिक्षक आधे दिन तो केवल डाटा एंट्री /लिपिकीय कार्य ही करने मजबूर है?
- वर्ष भर ये जयंती , वो जयंती, ये पखवाड़ा, वो पखवाड़ा, ये प्रतियोगिता , वो प्रतियोगिता मनाने, फिर ये ट्रेनिंग, वो ट्रेनिंग आखिर शिक्षक को पढ़ाने का समय कितना दिया जाता है?
बिलासपुर।Bilaspur teachers news : यह तीखे सवाल छत्तीसगढ़ प्रधानपाठक कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष सीके महिलांगे ने पूछे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह प्रधानपाठक और शिक्षकों को परेशान करना किसी भी तरह से उचित नहंी है। उन्होंने कहा कि तखतपुर के अनुविभागीय अधिकारी की ओर से निरीक्षण और उसके बाद की कार्रवाई किसी भी सूरत में उचित नहंी है। पढ़ाई में कमजोरी की बात कह कर शिक्षकों पर दोष मढऩा और फिर उनकी वेतन वृद्धि रोकना सहन नहीं किया जाएगा।
campus news : प्रांताध्यक्ष सीके महिलांगे ने कहा कि शिक्षक -शिक्षिकाएं शिक्षा के लिए समर्पित होकर काम कर रहे हैं। वे बच्चों को अच्छी पढ़ाई करा रहे हैं और उन्हें शासकीयस नियमों के तहत शिक्षित कर रहे हैं लेकिन शिक्षकों व प्रधानपाठकों की आज भी कई समस्याएं लंबित हैं लेकिन उन्हें दूर करने के लिए अनुविभागीय स्तर से लेकर उच्च स्तर के अधिकारी गंभीरता नहीं दिखाते हैं और शिक्षक संघ ज्ञापन पर ज्ञापन देते देते परेशान होते रहते हैं। इसलिए शिक्षकों-प्रधानपाठकों का निरीक्षण के नाम पर उत्पीडऩ बंद किया जाय, संयुक्त संचालक को वेतन वृद्धि रोकने संबंधी आदेश को वापस लिया जाय अन्यथा की स्थिति में प्रधानपाठक कल्याण संघ जल्द ही बैठक कर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
Bilaspur teachers news : कक्षा एक में भी प्रवेश हेतु पालक और बालक का इंटरव्यू लेकर उपयुक्त पाए जाने पर ही प्रवेश लेने की अनुमति हो। इसी तरह कक्षा 6 में कक्षा 5 के loc के ही बच्चे को प्रवेश लेने की प्रधान पाठक को अधिकार हो शेष बच्चे को प्रवेश से वंचित करने का अधिकार हो। शत प्रतिशत बच्चों को , सर्वे के आधार पर सब बच्चों को जबरदस्ती प्रवेश देने बाध्यता बन्द हो।
मिडिल स्कूल में 1 प्रधान पाठक 6 शिक्षक, 1 क्रीड़ा शिक्षक, 1 क्लर्क की पदस्थापना हो ताकि शिक्षक केवल पढ़ाई कराएं और प्रधान पाठक प्रशासनिक दायित्व का ही पालन करे। संयुक्त संचालक शिक्षा/जिला शिक्षा अधिकारी महोदय को उक्त स्थितियों की याद दिलाया जाए( यद्यपि हमारे अधिकारी इन सब से वाकिफ हैं ), और निवेदन करें कि इस तरह प्रताड़ना वाली कार्यवाही न करें। कई अन्य शिक्षकों ने भी कहा है कि राजस्व के प्रकरण सीमांकन, नामांतरण, जाति, निवास, आमदनी प्रमाण पत्र एवम राजस्व के प्रकरण लम्बित होने के कारण एसडीएम को भी निलंबित/ वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने का निवेदन कलेक्टर महोदय से करना चाहिए। इस पत्र के लिए अनुविभागीय अधिकारी को प्रत्युत्तर दिया जाए कि जितने भी गैर शिक्षकीय कार्य शिक्षको से करवाया जा रहा है उसके लिए उनके जैसे ही अधिकारी ही जिम्मेदार है, पहले उनका वेतनवृद्धि रोका जाए….
