
- राष्ट्रीय ललित कला अकादमी नई दिल्ली की 62वीं वार्षिक कला प्रदर्शनी 9 अप्रैल से, नई दिल्ली में
- 2016 में धीरज को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है
लखनऊ. देश की सबसे बड़ी कला अकादमी राष्ट्रीय ललित कला अकादमी नई दिल्ली में स्थित है। जो पिछले 61 वर्षों से राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी का आयोजन करती आ रही है। इस प्रकार हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 62वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी का आयोजन दिनांक 9 अप्रैल से ललित कला अकादमी की कला दीर्घा में कई जा रही है। और इस मौके पर 20 कलाकारों को राष्ट्रीय ललित कला पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाएगा।
यह जानकारी देते हुए भूपेंद्र कुमार अस्थाना (Bhupendra kumar asthana) ने बताया कि राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी और पुरस्कार के लिए कलाकारों की कृतियों कला विशेषज्ञों द्वारा दो चरणों में चयनित करने की प्रक्रिया पूरी की जाती है। प्रथम बार में कलाकारों के छायाचित्रों से चयनित किया जाता है और दूसरे चरण में मूल कृतियों को देखते हुए राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित किया जाता है। प्रथम चरण में सभी चयनित कलाकृतियों को प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया जाता है।
उत्तर प्रदेश के युवा चित्रकार धीरज यादव (Dhiraj Yadav) की कलाकृति शीर्षक “अनटाइटल 01” मिक्समिडिया में बनी को प्रदर्शनी के लिए चयनित किया गया है। यह महत्वपूर्ण बात है। आपको बताना चाहेंगे कि धीरज मूल रूप से प्रयागराज के निवासी हैं पिछले 6 वर्षों से लखनऊ में रहते हुए अपनी कला सृजन कर रहे हैं। और तमाम राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनियों में भाग लिया है साथ ही राज्य और राष्ट्रीय पुरस्कारों से भी सम्मानित हो चुके हैं। वर्ष 2016 में धीरज को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है और 2017 में राष्ट्रपति भवन में भी 15 दिन की आर्टिस्ट इन रेसीडेंसी में भी भाग ले चुके हैं।
