
- सभागार में कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती को पुष्प अर्पित कर उनके आशीर्वाद के साथ किया गया। कार्यक्रम का मंचीय संचालन अत्यंत कुशलता एवं गरिमा के साथ डॉ. रीता अग्निहोत्री द्वारा किया गया।
- प्रो. डॉ. प्रीति वाजपेयी ने अपने वक्तव्य में गणतंत्र दिवस को समानता और सामाजिक न्याय का सजीव प्रतीक बताते हुए युवाओं से संवैधानिक मूल्यों को व्यवहार में उतारने की अपील की।
- इस गरिमामय कार्यक्रम ने उपस्थित सभी जनों के मन में देशभक्ति, संविधान के प्रति सम्मान तथा राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।
लखनऊ, 26 जनवरी , पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजाजीपुरम, लखनऊ ( Pt. Deen Dayal Upadhyay Govt. Girl’s P G College Lucknow) के परिसर में 77वाँ गणतंत्र दिवस का आयोजन अत्यंत गरिमा, राष्ट्रगौरव एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रातः प्राचार्य महोदया प्रो. (डॉ.) सुषमा देवी द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के विधिवत ध्वजारोहण के साथ हुआ। ध्वजारोहण के पश्चात् एन.सी.सी. कैडेट्स ने अनुशासित परेड के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। इसके उपरांत समस्त उपस्थित प्राध्यापकगण, कर्मचारीवर्ग एवं छात्राओं द्वारा भावपूर्ण राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया।
इस अवसर पर निदेशक, उच्च शिक्षा, द्वारा प्रेषित संदेश का वाचन समारोहिका प्रो. डॉ. रीता अग्निहोत्री द्वारा किया गया। तत्पश्चात प्राचार्य महोदया द्वारा पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इस अवसर पर रेंजर्स की छात्राओं ने रेंजर्स प्रभारी डॉ. स्मिता पाण्डेय एवं सदस्या डॉ. मोनिका द्विवेदी के कुशल मार्गदर्शन में ध्वज व्यवस्था एवं अनुशासन बनाए रखने में अत्यंत सराहनीय भूमिका निभाई।
इसके पश्चात सभी ने श्री अटल सभागार में आयोजित मुख्य कार्यक्रम हेतु प्रस्थान किया। सभागार में कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती को पुष्प अर्पित कर उनके आशीर्वाद के साथ किया गया। कार्यक्रम का मंचीय संचालन अत्यंत कुशलता एवं गरिमा के साथ डॉ. रीता अग्निहोत्री द्वारा किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय की छात्राओं ने राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत गीत, ओजस्वी काव्यपाठ एवं प्रभावशाली भाषणों की प्रस्तुति दी। इसी क्रम में एन.सी.सी. प्रभारी डॉ. नेहा जैन के मार्गदर्शन में एन.सी.सी. कैडेट्स द्वारा सामूहिक एवं एकल देशभक्ति गीतों एवं नृत्य की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई, जिसने सभागार को राष्ट्रभक्ति के स्वर से गुंजायमान कर दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के उपरांत डॉ. स्मिता पाण्डेय ने अपने सारगर्भित वक्तव्य में भारतीय संविधान के निर्माण की ऐतिहासिक प्रक्रिया, संविधान सभा की भूमिका तथा संविधान में निहित स्वतंत्रता, समानता, न्याय एवं बंधुत्व के मूल मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला और छात्राओं से संविधान को अपने जीवन मूल्यों का आधार बनाने का आह्वान किया। इसी क्रम में डॉ. अखिलेश कुमार ने अपने वक्तव्य में गणतंत्र दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि संविधान केवल अधिकारों का संकलन नहीं, बल्कि कर्तव्यों, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व का मार्गदर्शक दस्तावेज है। इस अवसर पर डॉ. प्रियंका शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए भारतीय संविधान को समावेशी लोकतंत्र की सशक्त आधारशिला बताया तथा छात्राओं से शिक्षा और नैतिक मूल्यों के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
वहीं प्रो. डॉ. प्रीति वाजपेयी ने अपने वक्तव्य में गणतंत्र दिवस को समानता और सामाजिक न्याय का सजीव प्रतीक बताते हुए युवाओं से संवैधानिक मूल्यों को व्यवहार में उतारने की अपील की।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो.( डॉ. ) सुषमा देवी ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि भारतीय संविधान हमारी राष्ट्रीय आत्मा है, जिसने देश को एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक परंपराओं के सूत्र में बाँधा है। उन्होंने छात्राओं से संविधान प्रदत्त अधिकारों के साथ-साथ अपने नागरिक कर्तव्यों के प्रति सजग रहने, अनुशासन, नैतिकता एवं राष्ट्रसेवा को जीवन का लक्ष्य बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षित, सशक्त और मूल्यनिष्ठ युवतियाँ ही विकसित भारत के निर्माण की सच्ची आधारशिला हैं। डॉ. सुरंगमा यादव ने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए भारत को एकसूत्र में पिरोने के लिए संविधान निर्माताओं की सराहना की। डॉ विशाल वर्मा ने एक देशभक्ति से ओतप्रोत गीत प्रस्तुत कर सभागार को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में एन.एस.एस. की छात्राओं का योगदान भी अत्यंत सराहनीय रहा। एन.एस.एस. प्रभारी डॉ. किरणलता वर्मा के मार्गदर्शन में महाविद्यालय के समस्त विभागों की छात्राओं के सहयोग से मंच सज्जा, अतिथि व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न किया गया। सम्पूर्ण आयोजन अनुशासन, राष्ट्रीय चेतना एवं लोकतांत्रिक मूल्यों से परिपूर्ण रहा। इस गरिमामय कार्यक्रम ने उपस्थित सभी जनों के मन में देशभक्ति, संविधान के प्रति सम्मान तथा राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।
