
लखनऊ , 15 जनवरी . लखनऊ विश्वविद्यालय सहयुक्त महाविद्यालय शिक्षक संघ (लुआक्टा ) ने प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को पत्र लिखा है . इसमें शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण को लेकर अपना दर्द बताया है किस प्रकार शिक्षकों को परेशांन किया जा रहा है .
पढ़िए पूरा पत्र
सेवा में,
श्री योगी आदित्यनाथ जी
माननीय मुख्यमंत्री महोदय,
उत्तर प्रदेश सरकार
लखनऊ।
विषय: उच्च शिक्षा विभाग (निदेशालय) में पदोन्नति, जी.पी.एफ., पेंशन आदि कार्यों में अत्यधिक विलंब, शोषण एवं भ्रष्टाचार के संबंध में
महोदय,
आपके कुशल एवं दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के साथ-साथ डिजिटल इंडिया एवं ई-गवर्नेंस के माध्यम से पारदर्शिता और त्वरित कार्य-निष्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इन नीतियों की जनसाधारण एवं कर्मचारियों द्वारा सर्वत्र प्रशंसा की गयी, किंतु
खेद के साथ सादर अवगत कराना है कि उच्च शिक्षा निदेशालय में कुछ अधिकारी/कर्मचारी इन नीतियों की स्पष्ट अवहेलना कर रहे हैं। परिणामस्वरूप शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के पदोन्नति के प्रकरण,
जी.पी.एफ. अंतिम निकासी/अंशदान संबंधी कार्य,पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभ
वेतन संशोधन एवं अन्य सेवा-संबंधी प्रकरण, स्थानांतरण प्रकरण आदि महत्वपूर्ण कार्य कई माहो तक अनावश्यक लंबित रह जाते हैं। इन प्रकरणों पर बार बार आपत्तियाँ लगाई जाती हैं। आपत्तियों के निराकरण के पश्चात भी कई माह तक कार्य पूर्ण नहीं किए जाते। इससे ईमानदारीपूर्वक लंबे समय तक सेवा दे चुके शिक्षक/कर्मचारी को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, मानसिक एवं आर्थिक शोषण का शिकार होना पड़ता है तथा उनका आत्म-सम्मान आहत होता है।
अतः आपसे सादर आग्रह है कि उक्त स्थिति का संज्ञान लेते हुए उचित कदम उठाते हुए इस संबंध मे आवश्यक दिशा निर्देश जारी करने का कष्ट करें, ताकि जनहित मे अपनाई गयी नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके l
संगठन आपका आभारी रहेगा l
भवदीय
डॉ मनोज पांडेय
डॉ अंशु केडिया
