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रेडियो जॉकी और उद्घोषिका का व्यवसाय केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि रचनात्मकता, आवाज़ और व्यक्तित्व को पहचान देने वाला मंच है - मैं भी छू सकती हूं आकाश
मौके की है मुझे तलाश
लखनऊ , 12 नवंबर 2025, आज के दौर में सूचना और मनोरंजन के साधनों में रेडियो एक ऐसा माध्यम है जिसने अपनी लोकप्रियता कभी नहीं खोई। तकनीक के विकास के बावजूद रेडियो आज भी लोगों के दिलों से जुड़ा हुआ है। इसी कारण रेडियो जॉकी और उद्घोषिका के रूप में करियर बनाने का क्षेत्र युवाओं के लिए आकर्षक और संभावनाओं से भरा हुआ है।
यह बताते हुए 100.7 एफएम की रेडियो जॉकी राधा ने बालिका विद्यालय इंटरमीडिएट कॉलेज, मोती नगर, लखनऊ ( Balika Vidyalaya Inter College lucknow ) में मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम के रिसोर्स पर्सन के रूप में छात्राओं से इस क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं पर बात की।
उल्लेखनीय है कि इसी विद्यालय की पूर्व छात्रा राधा आज रेडियो जॉकी के रूप में श्रोताओं में लोकप्रिय हैं और विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और राष्ट्रीय विषयों पर अपनी महत्वपूर्ण कार्यक्रम के लिए जानी जाती हैं। रिसोर्स पर्सन ने बताया कि रेडियो जॉकी या उद्घोषिका वह होता है जो रेडियो पर श्रोताओं से संवाद करता है, कार्यक्रमों का संचालन करता है, गाने प्रस्तुत करता है, श्रोताओं की समस्याओं या सवालों का जवाब देता है तथा मनोरंजन, जानकारी और प्रेरणा का संगम प्रस्तुत करता है। राधा ने कहा कि इस क्षेत्र में आने के लिए किसी विषय विशेष की डिग्री अनिवार्य नहीं है, परंतु जनसंचार या पत्रकारिता में स्नातक उपाधि या डिप्लोमा धारक को करियर में बेहतर अवसर मिलते हैं। रेडियो जॉकी या उद्घोषिका बनने के लिए मीठी और स्पष्ट आवाज, सही उच्चारण और भाषा पर अधिकार, त्वरित निर्णय क्षमता और रचनात्मकता, हास्यबोध और आत्मविश्वास, संवाद कौशल और श्रोताओं से जुड़ने की क्षमता आवश्यक होती है।
भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली, जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ, भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ आदेश विश्वविद्यालय और संस्थानों से यह प्रशिक्षण प्राप्त किया जा सकता है। एफ.एम. रेडियो स्टेशन, ऑल इंडिया रेडियो , पॉडकास्टिंग और ऑनलाइन रेडियो प्लेटफॉर्म, कार्यक्रम संचालन, वॉइस ओवर आर्टिस्ट या डबिंग आर्टिस्ट के रूप में इस क्षेत्र में बेहतर करियर बनाया जा सकता है।
विद्यालय ( Balika Vidyalaya Inter College lucknow ) की प्रधानाचार्य डॉ लीना मिश्र ने रिसोर्स पर्सन राधा को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि रेडियो जॉकी और उद्घोषिका का व्यवसाय केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि रचनात्मकता, आवाज़ और व्यक्तित्व को पहचान देने वाला मंच है। यदि किसी में बोलने का आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण और श्रोताओं से जुड़ने की कला है, तो यह क्षेत्र उनको सफलता और प्रसिद्धि दोनों प्रदान कर सकता है।

इस विद्यालय ( Balika Vidyalaya Inter College lucknow ) में बिताए गए अपने बचपन को याद करते हुए राधा ने छात्राओं को बताया कि विद्यालय ही वह प्लेटफार्म है जो बच्चों का भविष्य तय करता है। उन्होंने कहा कि वह जो कुछ भी हैं, बालिका विद्यालय ( Balika Vidyalaya Inter College lucknow ) की शिक्षिकाओं के दिखाए गए रास्ते पर चलकर और स्वयं पर ध्यान देते हुए कुछ बनने की आकांक्षा लेकर मेहनत करने के कारण है। उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं है कि सभी लोग डॉक्टर या इंजीनियर बन जाए बल्कि हमें अपने अंदर छिपी प्रतिभा को समझना चाहिए और जिस दिशा में हमारा रुझान हो, आगे बढ़ना चाहिए ।उन्होंने छात्राओं को धारावाहिकों के बाल चरित्रो की आवाज सुनाई जैसे छोटा भीम के विभिन्न पात्र, शिन-चैन। सभी छात्राओं ने अत्यधिक उत्साह से उनकी बातों को सुना और समझा। कार्यक्रम के सफल संचालन में वरिष्ठ शिक्षिका उत्तरा सिंह का पूर्ण सहयोग रहा।
