

- अखिल भारतीय/ उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ के नेतृत्व में सेवारत शिक्षिकाओं और महिला कार्मिकों के स्वास्थ्य, कल्याण और कार्यक्षमता के लिए निम्न मांगों को सुप्रीम कोर्ट में रिट और जनहित याचिका (PIL) के माध्यम से उठाने साहिर कई मुद्दों पर चर्चा हुई .
नई दिल्ली, 18 अक्तूबर , कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया ( Constitution Club of India ) में एक बैठक अखिल भारतीय महिला शिक्षक संघ( Akhil Bhartiya Mahila Shikshak Sang) के बैनर तले आयोजित की हुई. बैठक में महिला शिक्षकों एवं महिला कार्मिकों के अधिकारों के लिए सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक अपील किए जाने पर चर्चा की गई . अखिल भारतीय/ उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ के नेतृत्व में सेवारत शिक्षिकाओं और महिला कार्मिकों के स्वास्थ्य, कल्याण और कार्यक्षमता के लिए निम्न मांगों को सुप्रीम कोर्ट में रिट और जनहित याचिका (PIL) के माध्यम से उठाने साहिर कई मुद्दों पर चर्चा हुई .
प्रमुख बिंदु
1.माहवारी अवकाश: माह में 3 दिन का पीरियड लीव, जो महिलाओं की प्राकृतिक आवश्यकता को सम्मान दे और कार्यक्षमता बढ़ाए।
2. मातृत्व अवकाश: विशेष परिस्थितियों में तीसरे बच्चे के जन्म पर मातृत्व अवकाश।
3. बाल देखभाल अवकाश (CCL): विकलांग/गंभीर बीमार बच्चों के लिए 18 वर्ष की आयु बाध्यता हटाकर संपूर्ण सेवा काल में CCL।
4. TET सुधार: TET में स्पष्ट नीतियां, नियुक्त शिक्षकों को परीक्षा से मुक्ति और पदोन्नति में सुधार।
5. स्थानांतरण नीति: पति-पत्नी कार्मिकों को एक स्थान पर वार्षिक स्थानांतरण, विकलांग/असाध्य रोगी कर्मियों के लिए विशेष स्थानांतरण।
– प्रति वर्ष वरिष्ठता आधारित सामान्य स्थानांतरण की स्थाई नीति एवं शिक्षकों को उनके मूल जनपद स्थानांतरण पर स्थाई नीति
6. पुरानी पेंशन: पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली।
संगठन का निरंतर प्रयास:
– 3 वर्षों से सरकारी सेवारत महिला शिक्षिका एवं महिला कार्मिकों के लिए पीरियड लीव प्रदान किए जाने की लड़ाई जारी है
– X पर 2 लाख+ ट्वीट्स और जनप्रतिनिधियों का समर्थन।
– बिहार (1992) एवं अन्य राज्य एवं मल्टीनेशनल कंपनियां की तर्ज पर सुविधाएं लागू करने की मांग।
– सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ याचिका की तैयारी।
